Tuesday, July 14, 2026
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बरोजगारो के लिए आई सरकारी योजना

             प्रधानमंत्री रोजगार योजना

उम्र

सामान्‍य श्रेणी के 18-35 वर्ष (उत्‍तर पूर्वी क्षेत्र के लिए 40 वर्ष) की उम्र के सभी शिक्षित युवा; अनुसूचित जाति/जनजाति, भूतपूर्व सैनिकों, शारीरिक दृष्टि से विकलांगों और महिलाओं के लिए उम्र में 10 वर्ष की छूट अर्थात; 45 वर्ष की उम्र तक.

शैक्षिक योग्यता

8वीं पास. उन युवाओं को वरीयता दी जाएगी जिन्‍होंने सरकार से मान्‍यता प्राप्‍त /अनुमोदित संस्‍थाओं में किसी व्‍यापार में कम से कम छह महीने तक प्रशिक्षण प्राप्‍त किया हो.

पारिवारिक आय

पत्‍नी/पति और माता-पिता के साथ हिताधिकारी की आय 40,000/- रु. से अधिक नहीं होनी चाहिए.

निवास

इलाक़े का कम से कम 3 वर्ष से स्‍थाई निवासी हो.

परियोजना लागत

परियोजना लागत पर उच्‍चतम सीमा, कारोबार क्षेत्र के लिए 1 लाख रु. और सेवा तथा उद्योग क्षेत्र के लिए 2 लाख रु है. ऋण, संमिश्र स्‍वरूप का होगा अर्थात्; सावधि ऋण और कार्यकारी पूंजी, दोनों. अगर दो या उसस अधिक पात्र व्‍यक्ति साथ मिलकर साझेदारी करे तो, 10 लाख रु. तक की परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है. सहायता, वैयक्तिक स्‍वीकार्यता पर निर्भर होगी.

उपदान और मार्जिन राशि

उपदान, परियोजना लागत के 15% तक सीमित होगा जब कि उच्‍चतम सीमा 7500/- रु. प्रति उद्यमी होगी(उत्‍तर पूर्वी क्षेत्रों के लिए 15,000/- रु.). मार्जिन राशि परियोजना लागत के 5% से 16.25% तक होगी ताकि उपदान और मार्जिन राशि का जोड़, परियोजना लागत के 20% के समान हो.

संपार्श्विक प्रतिभूति

सभी क्षेत्रों के लिए 1 लाख रु. तक कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं होगी. साझेदारी फर्मो के मामले में, संपार्श्विक प्रतिभूति से छूट, परियोजना में भाग लेनेवाले प्रति व्‍यक्ति 1 लाख रु. तक सीमित होगी. लेकिन लघु उद्योग के तहत, अलग-अलग व्‍यक्तियों के लिए 2 लाख रु. तक परियोजनाओं के लिए कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं होगी, जब कि साझेदारी के मामले में प्रति उधार खाता, 5 लाख रु. तक संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं होगी.

ब्‍याज दर और चुकौती अनुसूची

समय-समय पर लागू मार्गनिर्देशों के अनुसार ऋण की मात्रा के आधार पर ब्‍याज दर लगाई जाएगी. चुकौती अनुसूची, गतिविधि के आधार पर 6 से 18 महीने की प्रारंभिक ऋण स्‍थगन अवधि के बाद 3 से 7 वर्ष के बीच होगी.

प्रशिक्षण

प्रशिक्षण, योजना का अभिन्‍न अंग है और इसके खर्च, डीआईसी द्वारा उठाया जाएगा.

कार्यान्‍वयन एजेंसी

बैंकों के साथ जिला उद्योग केंद्र(डीआईसी) और उद्योग निदेशालय, योजना को अमल में लाने के लिए जिम्‍मेदार होगा.

उप-लक्ष्‍य-शर्तें

योजना के अनुसार, अनुसूचित जाति/जनजाति के 22.5% और अन्‍य पिछडे वर्ग(ओबीसी) के 27% लोगों को शामिल किया जाएगा. लेकिन, महिलाओं सहित कमजोर वर्गों को भी वरीयता दी जानी चाहिए.

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