इस विवाह के लिए पहले तो पिता अपने पंसद के कुछ लडक़ों को चुनता है और उन्हें एक जगह खड़ा करता है। जिसके बाद लडक़ी को पिता के आदेश के बाद उसमें से किसी को पसंद करना होता है। लेकिन इसके बावजूद भी लडक़ी को कोई वर पसंद नहीं आता तो वह अपने पंसद के लडक़े को जीवनसाथी बना कर उसके साथ वहां से भाग सकती है। जिसे हमारे समाज में आज भी अनुमति नहीं मिली है। हालांकि यहां भी लडक़ी द्वारा ऐसा करने पर गांव में समाज की पंचायत बैठती है और फिर युवक के परिजनों से हर्जाना वसूला जाता है। जिसके बाद ही दोनों को शादी करने की इजाजत मिलती है।
राजस्थान में यहां पति से पहले लडक़ी पिता को पहनाती है वरमाला, होता है अनोखा स्वयंवर ……..
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