होली हमारे देश के बड़े त्यौहारों में से एक है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगाकर आपस में गले मिलते हैं। कहते हैं कि इस दिन दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं। यह त्यौहार ना सिर्फ बच्चों को पसंद होता है, बल्कि घर के बड़े-बुजुर्ग भी इस त्यौहार का भरपूर आनंद लेते हैं। होली में जहां एक ओर रंगों की फुहार का लोग मजा लेते हैं वहीं दूसरी तरफ बिना मिठाइयों और गुझियों के होली अधूरी लगती है। पहले लोग त्योहारों पर घर में ही मिठाइयां बनाते थे लेकिन समय के अभाव में ज्यादातर लोग बाजार से ही बनी हुई गुझिया व मिठाई लेकर आते हैं। लेकिन आजकल बाजार में मौजूद मिठाइयां बहुत मिलावटी हो गई हैं जिनके सेवन से कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं।
अक्सर सर्वे में देखा गया है कि होली के बाद डायबिटीज, पेट संबंधी रोग और स्किन संबंधी रोग काफी बढ़ जाते हैं। वहीं दूसरी ओर लोगों को वजन बढ़ने की शिकायत रहती है। इसका कारण हाई कैलोरी फूड्स और मिलावटी मिठाईयां होती हैं। हर किसी को पता होता है कि त्यौहारों के टाइपर पर मिलावटी मिठाईयां मिलती हैं। बावजूद इसके लोग बाहर से मिठाई खरीदते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप अपने वजन और डायबिटीज दोनों पर काबू पा सकते हैं।
इन फूड्स को कहें ‘नो’
- होली के मौके पर लगभग हर घर में गुजिया बनाई जाती है। अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं या फिर डायबिटीज के मरीज हैं तो इनसे दूर रहें।
- चिप्स का सेवन भी कम मात्रा में करें। अक्सर होली के मौके पर आलू के चिप्स बनते हैं। आलू वजन और डायबिटीज दोनों बढ़ता है।
- अधिक मसाले वाले भोजन से भी दूर रहें। खासकर दही-भल्ले, पकौड़ी, टिक्की और समोसे जैसी चीजों को तो हाथ ही ना लगाएं।
- अगर आपके घर में होली के दिन पार्टी चलेगी और उसमें आपकी फेवरेट कोल्ड ड्रिंक भी होगी तो अपने दिल पर पत्थर रखकर इसका सेवन ना करें। ये काफी वजन बढ़ाती है।
- जिन लोगों को होली के रंग पसंद नहीं होते हैं वो इस मौके पर तनाव में आ जाते हैं। आपको बता दें कि तनाव ना सिर्फ मोटापा बल्कि डायबिटीज भी बढ़ाता है।
मिलावटी मिठाई से रहें सतर्क
- मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से सबसे ज्यादा नुकसान लीवर को होता है। लीवर में सूजन आ जाती है।
- मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से आंतों में संक्रमण हो जाता है, जिसके चलते आंतों में सूजन आ जाती है और उसमें छेद हो सकता है।
- मिलावटी मिठाई खाने से पीलिया होने की संभावना ज्यादा हो जाती है।
- सिंथेटिक दूध के इस्तेमाल से कैंसर होने का खतरा बढ जाता है।
- मिलावटी मिठाई के सेवन से फूड प्वाइजनिंग के अलावा उल्टी व दस्त भी हो सकता है।
- होली में मिलावटी मिठाई, पनीर व घी खाने से सिर दर्द, पेट दर्द व त्वचा रोग हो सकते हैं।
- मिलावटी मिठाई खाने से शरीर में सूजन हो सकती है।
- महिलाओं की माहवारी में दिक्कत हो सकती है।
- ज्यादा मिलावटी मिठाई खाने से खून की कमी भी हो सकती है।
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ऐसे पहचानें मिलावटी मिठाई
मावे में मिलावट की पहचान आयोडीन जांच या फिर चखकर उसके स्वाद और रंग से किया जा सकता है। सामान्य तौर पर लोग आयोडीन की जांच नहीं कर पाते। लेकिन मिलावटी मावे से बचने के लिए उसे पूरी तरह जांच परख लीजिए। मिलावटी या नकली मावे का स्वाद व रंग सामान्य से विभिन्न और कुछ खराब होता है। मिलावटी खोवे को उंगलियों में लेकर रगडें यदि उसमें चिकनापन नहीं है तो समझो वह नकली है।



