लंदन कोर्ट ने विजय माल्या की प्रत्यर्पण की अपील खारिज कर दी है.
लंदन कोर्ट ने विजय माल्या की प्रत्यर्पण की अपील खारिज कर दी है. ऐसे में विजय माल्या के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है. माल्या के पास अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का रास्ता बचा है, जिसमें कम से कम छह सप्ताह और लग सकते हैं.
इससे पहले माल्या ने अपने प्रत्यर्पण को ब्रिटिश गृह मंत्री साजिद जाविद द्वारा दी गई मंजूरी के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी. चीफ मजिस्ट्रेटएम्मा अर्बुथनॉट ने माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी और कर्ज के पर्याप्त सुबूत हैं. जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि माल्या बैंकों से धोखाधड़ी की साजिश में शामिल थे.
विजय माल्या ने गुरुवार को लंदन कोर्ट को बताया था कि अब उसके पास गुजर-बसर करने के लिए पैसे नहीं हैं. माल्या का कहना है कि वह अपनी पार्टनर, पर्सनल असिस्टेंट, परिचित कारोबारियों और बच्चों पर निर्भर है.
विजय माल्या ने यह बात 13 बैंकों द्वारा उसके खिलाफ दर्ज की गई बैंकरप्टसी याचिका के जवाब में कही है. याचिका के जवाब में माल्या ने कहा कि उसकी व्यक्तिगत संपत्ति मात्र 2956 करोड़ रुपये रह गई है और उसने यह पूरी संपत्ति बैंकों से सेटलमेंट के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने पेश कर दी है. बैंकों ने माल्या द्वारा दी गई इस जानकारी को यूके कोर्ट से साझा किया है.
अभी कुछ दिन पहले ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत ने विजय माल्या के 1,000 करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर बेचने की मंजूरी दे दी है. आपको बता दें कि यूनाइटेड ब्रेवरेज (यूबीएल) में माल्या के शेयर हैं जो कोर्ट द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर द्वारा बेचे जाने थे. इसकी बिक्री को रोकने के लिए विजय माल्या ने याचिका दायर की थी.



