अगर रिपोर्ट्स की मानें तो ज्यादातर महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच में लापरवाही करती हैं। सलाह यही है कि इस कैंसर को नजरअंदाज नहीं किया जाए और तुरंत इलाज करवाया जाए।
साल 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल 74 हजार महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हो जाती है। वहीं एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक, , हर साल सर्वाइकल कैंसर की जांच कराने के मामले में महिलाओं का आंकड़ा साल-दर-साल गिरता जा रहा है। यानी महिलाएं नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग नहीं करवा रहीं।
इसमें योनी से असामान्य रक्तस्राव, सेक्स या फिर टेंपोन इंसर्ट करने के दौरान रक्तस्राव होता है। इसके अलावा यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द महसूस होना, योनी से रक्तमिश्रित अनियिमित डिस्चार्ज, कमर, पैर में दर्द महसूस होना, थकान, वजन में कमी, भूख न लगना इसके अन्य लक्षण हैं।
सर्वाइकल कैंसर का ट्रीटमेंट
अन्य कैंसर की तरह ही अगर सर्वाइकल कैंसर के बारे में शुरुआती स्टेज पर ही पता चल जाए तो इसका ट्रीटमेंट संभव है।
1- इसीलिए महिलाओं को नियमित रूप से अपनी जांच करवानी चाहिए।
2- हर तीन साल पर पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।
3- इसके अलावा एचपीवी वायरस से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीके भी लगवाने चाहिए।
4- साथ ही धू्म्रपान न करें, अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हेल्दी खाना खाएं और एक्सर्साइज़ करें।



