Wednesday, July 15, 2026
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नैशनल डॉक्टर्स डे 2019: डॉक्टरों को भी अपनी सेहत का रखना चाहिए ध्यान….

1 जुलाई को हर साल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। डॉक्टर दूसरों की सेहत का तो ख्याल रखते हैं और उन्हें सही सलाह देते हैं लेकिन कई बार खुद की सेहत का ख्याल रखना भूल जाते हैं। लिहाजा डॉक्टरों के लिए कुछ जनरल टिप्स ताकि वो भी हमेशा बने रहें हेल्दी।

देश के मशहूर फिजिशियन और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री स्व. डॉ. बिधान चंद्र रॉय की याद में देश में हर साल 1 जुलाई को नैशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। डॉ राय का जन्म 1 जुलाई 1882 को हुआ था। दूसरों का इलाज करने वाले डॉक्टर खुद भी कई बार स्ट्रेस और तनाव की वजह से बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कुछ जरूरी बातों के बारे में जिनका ध्यान सिर्फ आपको ही नहीं बल्कि डॉक्टरों को भी रखना चाहिए ताकि वे खुद भी बीमार पड़ने से बच जाएं।

शरीर में न हो आयरन-कैल्शियम की कमी 
बॉडी के लिए सबसे जरूरी है कैल्शियम और आयरन क्योंकि शरीर को हेल्दी बनाने में इनकी खास भूमिका होती है। अगर ये बॉडी में कम हो जाए, तो आपको चलने फिरने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए अपनी डायट में ऐसी चीजों को शामिल करें जिसमें कैल्शियम और आयरन की मात्रा अधिक हो। पालक, मेथी और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा दालें, राजमा, ओटमील और किशमिश भी आयरन का प्रमुख सोर्स है। वहीं, डेयरी प्रॉडक्ट्स जैसे-दूध, दही, चीज, के अलावा बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां और कुछ दालें कैल्शियम का बेहतरीन स्त्रोत हैं।

शरीर को हाइड्रेटेड रखें
हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना हुआ है, यह बात तो हम सब जानते हैं। ऐसे में शरीर के सभी फंक्शन्स बेहतर तरीके से तभी काम करते रहेंगे जब शरीर में फ्लूइड लेवल सभी बना रहेगा। लिहाजा शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसलिए प्यास लगने का इंतजार करने की बजाए, हर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। ऐसा करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।

अच्छी और बेहतर नींद लें
इन दिनों नींद की कमी की वजह से भी कई तरह की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सिर्फ आम लोगों को ही नहीं बल्कि डॉक्टरों को भी अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए और इसके लिए बेहद जरूरी है कि आप कम से कम 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें। शरीर को आराम मिलेगा तभी शरीर बेहतर तरीके से काम कर पाएगा।

स्मोकिंग ड्रिंकिंग से करें परहेज
डॉक्टर्स मरीजों को तो स्मोकिंग और ड्रिंकिंग न करने की सलाह देते हैं लेकिन उन्हें खुद भी इस बात को स्ट्रिक्टली फॉलो करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लॉन्ग टर्म स्मोकर है तो एक नॉन स्मोकर की तुलना में उसके जीवन के औसतन 10 साल घट जाते हैं। लिहाजा स्मोकिंग और ऐल्कॉहॉल से जहां तक परहेज किया जाए सेहत के लिए उतना ही अच्छा रहता है।

टेंशन और स्ट्रेस से रहें दूर

डॉक्टरों का जॉब बहुत ज्यादा डिमांडिंग होता है। कई बार उन्हें सही ढंग से आराम करने का भी समय नहीं मिलता जिससे उनमें स्ट्रेस का लेवल बढ़ता रहता है जो आगे चलकर क्रॉनिक स्ट्रेस का रूप ले लेता है। स्ट्रेस हमारी सेहत के लिए कई तरह से नुकसानदेह है जो हेल्दी से हेल्दी व्यक्ति को भी बीमार बना सकता है। ऐसे में खुद को डीस्ट्रेस करने के लिए रिलैक्सेशन और ब्रीदिंग टेक्नीक्स अपनाएं।

 

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