परिजनों ने पुलिस को बताया कि श्मशान घाट के कर्मचारी ने उन्हें शाम के समय ही कब्र में बच्ची को दफनाने के लिए दबाव दिया था.
दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में बेहद रहस्मय तरीके से शुक्रवार को श्मशान घाट में दफनाई गई नवजात बच्ची का शव कब्र से गायब हो गया. शनिवार सुबह परिजन श्मशान घाट पहुंचे, तो बच्ची का शव कब्र में न पाकर उनके होश उड़ गए. मामले की सूचना पुलिस को दी गई. परिजनों ने श्मशान घाट के ही एक कर्मचारी पर शव को गायब करने का आरोप लगाया है. पुलिस आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है. नॉर्थ ईस्ट जिले के डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है. जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित सतीश सरदाना ने बताया कि वह परिवार के साथ जनकपुरी में रहते हैं. उनके परिवार में बेटा संकेत सरदाना, बहू रितिका सरदाना व अन्य सदस्य हैं. दो सितंबर को उनकी बहू ने जनकपुरी के एक प्राइवेट अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था. अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई. नवजात को फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार दोपहर 3.00 बजे उसकी मौत हो गई. परिवार बच्ची का शव लेकर वजीराबाद स्थित श्मशान घाट आ गया. यहां पंडित के कहने पर परिवार ने शुक्रवार शाम बच्ची को कब्र खोदकर दफना दिया. कब्र पर एक पौधा भी लगा दिया गया. परिवार शनिवार सुबह धार्मिक क्रियाकलाप के लिए श्मशान घाट पहुंचा, तो कब्र से पौधा उखड़ा हुआ था. कब्र से बच्ची का शव भी गायब था. मामले की सूचना पुलिस को दी गई.
जानकारी मिलते ही शास्त्री पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. परिजनों ने पुलिस को बताया कि श्मशान घाट के कर्मचारी ने उन्हें शाम के समय ही कब्र में बच्ची को दफनाने के लिए दबाव दिया था. परिवार ने शव के साथ नमक डालने की बात की थी तो आरोपी ने नमक भी डालने के लिए मना कर दिया था. परिजनों ने उसी पर शक जताया. परिजनों ने आशंका जताई है कि आरोपी ने तंत्रमंत्र करने के लिए बच्ची के शव गायब किया. उधर पुलिस का कहना है कि मामले में छानबीन जारी है. कई लोगों से पूछताछ की जा रही है.



