
हमारे देश भारत के कई शहर अपने दामन में कई रहस्य में घटनाओं को समेटे हुए हैं ऐसी ही एक घटना है राजस्थान के जैसलमेर जिले के कुलधरा गांव की यह गांव पिछले 170 सालों से वीरान पड़ा है कुलधरा गांव के हजारों लोग एक ही रात में इस गांव को खाली करके चले गए थे और जाते-जाते श्राप दे गए थे कि यह फिर कभी कोई नहीं बस पाएगा तब से गांव वीरान पड़ा है कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतो के कब्जे में है कभी एक हंसता खेलता यह गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आवाज आज भी सुनाई देती है टूरिस्ट को कई तरह’ की आहट महसूस होती है जैसी कि कोई आसपास चल रहा है बाजार की चहल-पहल की आवाज आती हैं महिलाओं के बात करने की, चूड़ियों और पायल की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है जिसके पास दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता है



