Tuesday, July 14, 2026
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WhatsApp पर लगाम कसने की तैयारी में TRAI, 10 दिसंबर तक मांगे सुझाव….

ट्राई ने सभी स्टेक होल्डर्स को 10 दिसंबर तक का वक्त दिया है ताकि वे अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकें..

नई दिल्ली: वाट्सएप, स्काइप, गूगल डूओ पर सरकार जल्द कुछ जरूरी पाबंदियां लगा सकती है. फिलहाल टेलीकॉम रेग्यूलेटर ट्राई इस पर कंस्लटेशन पेपर जारी किया है. बताया जा रहा है कि जल्द ही ये सारे वीडियो ऐप रेग्यूलेशन के दायरे में आएंगे. ताजा जानकारी के मुताबिक ट्राई ने सभी स्टेक होल्डर्स को 10 दिसंबर तक का वक्त दिया है ताकि वे अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकें.

टेलीकॉम कंपनियों ने की थी रेग्यूलेशन की मांग
आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से इस बात की चर्चा होती रही है कि व्हाट्सएप, स्काइप, गूगल डुओ और इमो जैसी वीडियो कॉलिंग एप्स का इस्तेमाल करने पर सरकार रोक लगाने वाली है. दरअसल, टेलीकॉम कंपनियां इन ऐप्स को दायरे में लाने की मांग कर रही हैं. उनकी मांग है कि ओटीटी प्लेयर्स की भी जिम्मेदारी तय हो. बताया जा रहा है कि इन प्लेयर्स की वजह से ऑपरेटर्स को नुकसान हो रहा है. अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार के नए रेग्यूलेशन के बाद जो सेवाएं टेलीकॉम कंपनियां दे रही हैं वो इसके दायरे में आएंगी.

एप्स में कॉलिंग सुविधा से टेलीकॉम कंपनियों को हो रहा है घाटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सोशल मीडिया एप्स में कॉलिंग सुविधा होने के चलते एयरटेल, जियो, और वोडाफोन जैसी अधिकृत लाइसेंसधारी कंपनियों को बिजनेस में नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसलिए सरकार की मंशा है इस बात को लेकर है कि अधिकृत लाइसेंसधारी कंपनियां ही वॉडियो कॉलिंग की भी सुविधा देंगे ना कि सोशल मीडिया कंपनियां. अगर ऐसा हुआ तो जिस तरह हमें सामान्य कॉलिंग के लिए भुगतान करना होता है ठीक उसी तर्ज पर वीडियो कॉलिंग के लिए भी टर्मिनेशन चार्ज देना होगा.

ट्राई ने सुझावों के लिए दिया है 10 दिसंबर तक का वक्त
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार अपने रेग्लूशन में किन बातों को शामिल करेगी लेकिन कयास यही लगाए जा रहे हैं कि सरकार टेलीकॉम कंपनियों की मांग को स्वीकृत दे सकती है. इस मामले में अब पूरी नजर मोबाइल एप्स के द्वारा भेजे गए सुझावों पर होगी. यहां आपको एक बार फिर बता दें कि इसके लिए ट्राई ने 10 दिसंबर तक का वक्त दिया है.

वॉट्सएप वॉयल कॉल से खत्म हो रहा है रुझान
इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि सोशल मीडिया एप्स के जरिए की जाने वाली कॉलिंग को टेक्निकल भाषा में इंटरनेट टेलिफोनी कॉल्स कहते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक आज के समय में 95 फीसद से ज्यादा कॉल्स वॉट्सएप से की जा रही हैं क्योंकि यह सबसे सुविधाजनक मोबाइल एप है. हालांकि एक डाटा इस बाता का भी दावा करता है कि वॉट्सएप वॉयस कॉल्स की तरफ से यूजर्स का रुझान खत्म हो रहा है क्योंकि टेलिकॉम ऑपरेटर्स यूजर्स को वॉयस और डाटा प्लान्स के बंडल ऑफर के तहत फ्री वॉयस कॉल्स उपलब्ध करा रहे हैं.

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