इस आंकड़े से निश्चित ही करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी जरूर परेशान हो सकते हैं. भारत की बल्लेबाजी को देखते हुए संख्या काफी कम है. और अब जब वर्ल्ड कप मुकाबले बैटिंग पिच पर होने जा रहे हैं, तो देखने वाली बात होगी कि…
कुछ दिन ही बाद इंग्लैंड की धरती पर वर्ल्ड कप (World Cup 2019) का आयोजन होने जा रहा है. और ज्यादातर क्रिकेट पंडितों ने मेजबान इंग्लैंड को खिताब जीतने का प्रबल दावेदार करार दिया है. अगर ऐसा है, तो वजह यह है कि पिछले काफी लंबे समय से इंग्लैंड के बल्लेबाज बहुत ही अटैकिंग क्रिकेट खेल रहे हैं और यह सिलसिला पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज तक बेधड़क जारी है. बहरहाल, खेल पंडितों का ध्यान अभी तक उस पेंच पर नहीं गया है, जो इंग्लैंड को मुश्किल में भी डाले हुए हैं. इंग्लैंड को निश्चित तौर पर इसका तोड़ निकालना होगा, तो वहीं समस्या भारत के सामने भी है.
इंग्लैंड की दावेदारी निश्चित रूप से है क्योंकि पिछले कुछ समय में उसकी बैटिंग का स्तर बाकी देशों के मुकाबले काफी ऊपर गया है. अगर बात 1 जनवरी साल 2018 के बाद की की जाए, तो तब से लेकर अब तक इंग्लैंड ही ऐसी इकलौती टीम है, जिसने सबसे ज्यादा वनडे में तीन सौ प्लस का स्कोर खड़ा किया है. चलिए जान लीजिए इस दौरान किस-किस टीम ने कितनी बार 300+ का स्कोर खड़ा किया.
300+ का स्कोर संख्या देश
14 इंग्लैंड
8 पाकिस्तान
7 विंडीज
6 ऑस्ट्रेलिया/भारत/न्यूजीलैंड
4 आयरलैंड/स्कॉटलैंड
4 दक्षिण अफ्रीका/श्रीलंका
इस आंकड़े से निश्चित ही करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी जरूर परेशान हो सकते हैं. भारत की बल्लेबाजी को देखते हुए संख्या काफी कम है. और अब जब वर्ल्ड कप मुकाबले बैटिंग पिच पर होने जा रहे हैं, तो देखने वाली बात होगी कि इन मैचों में टीम इंडिया कितनी बार तीन सौ प्लस का आंकडा छूती है. और अगर भारत को वर्ल्ड कप जीतना है, तो इस पर बहुत ही गंभीरता से काम करना होगा.
बहरहाल, इंग्लैंड के फंसे हुए पेंच की बात कर लेते हैं. और यह पेंच गेंदबाजी का पेंच है. आपको जानकर हैरानी होगी जिन टीमों के खिलाफ 1 जनवरी साल 2018 के बाद से सबसे ज्यादा तीन सौ प्लस का आंकड़ा बना है, उसमें भी इंग्लैंड नंबर वन है. चलिए जान लीजिए कि इस अवधि में किस टीम के गेंदबाजों नें कितनी बार सामने वाली टीमों को तीन से आगे जाने दिया.
300+ रन दिए देश
14 इंग्लैंड
8 पाकिस्तान
7 वेस्टइंडीज
6 ऑस्ट्रेलिया/भारत/न्यूजीलैंड
4 आयरलैंड/ स्कॉटलैंड
3 दक्षिण अफ्रीका/श्रीलंका
साफ है कि इंग्लैंड के गेंदबाज (14 बार) उसके बल्लेबाजों (11) से ज्यादा नाकाम साबित हुए हैं. ऐसे में इंग्लैंड की खिताब की दावेदारी में उसकी कमजोर गेंदबाजी आड़े आ रही है. और यह कमजोरी उसके लिए समस्या बन सकती है. वैसे गेंदबाजी में भारत का रिकॉर्ड इस बाबत बल्लेबाजों से बेहतर है.



