किशोरी का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने के आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामले में आरोपी की बहन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था लेकिन सबूतों के अभाव में अदालत ने उसे बरी कर दिया।
थाना मुजेसर क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी निवासी किशोरी के पिता ने 13 नवंबर 2017 को मामला दर्ज करवाया था कि 12 नवंबर 2017 की दोपहर को उनकी बेटी लापता हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की तो पता चला कि टप्पल, अलीगढ़ निवासी लाला नाम का व्यक्ति उनकी बेटी का अपहरण कर ले गया है। लाला की शादीशुदा बहन लाली पलवल में रहती है। जांच में पता चला कि लाली और किशोरी एक दूसरे को जानते थे। 12 नवंबर को लाली ने किशोरी को फोन कर घर के पास ही पीर के पास बुलाया था।
वह वहां पहुंची तो लाला ने कुछ सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। वे उसका अपहरण कर पलवल ले गए और उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर किशोरी को ढूंढ निकाला। तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने आरोपी लाला को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि उसकी बहन लाली को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।



