
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के लगभग 3000 जनसंख्या वाला गाँव शनि शिंगणापुर ,यह भारत का एक ऐसा गांव है जहां सब कुछ यहां शनि भगवान के भरोसे छोड़ दिया जाता है यहां लोगों के घर में एक भी दरवाजा नहीं है कहीं भी कुण्डी तथा कड़ी लगाकर ताला नहीं लगाया जाता यहां आने वाले भक्त अपने वाहनों में कभी ताला नहीं लगाते कितना भी बड़ा मेला क्यों न हो कभी किसी वाहन की चोरी नहीं हुई इतना ही नहीं घर में लोग अलमारी ,सूटकेस आदि भी नहीं रखते लोग घर की मूल्यवान वस्तुएं गहने ,कपड़े, रूपए पैसे आदि रखने के लिए थैली तथा डिबिया आदि का प्रयोग करते हैं केवल पशुओं से सामान की रक्षा हो इसलिए बांस का ढकना दरवाजे पर लगाया जाता है यहां तक कि लोगों की दुकानों में भी दरवाजे नहीं है यहां पर कोई भी अपनी बहुमूल्य चीजों को ताले चाबी में बंद करके नहीं रखता फिर भी गांव में आज तक कभी कोई चोरी नहीं हुई |



