देश मे छाए संकट के कारण लागू हुए लॉक डाउन के बाद उत्तराखंड के कई निवासी राजधानी दिल्ली में अभी तक फंसे हुए हैं । देश व्यापी सम्पूर्ण लॉक डाउन के एक सप्ताह गुजरने के बाद दिल्ली में अब कई उत्तराखंड के निवासियों को अब खाने तक का संकट आ गया है । दिल्ली की केजरीवाल सरकार के इंतजामो से नाराज़ हो करे जिस तरह उत्तर प्रदेश व बिहार के लोगों ने पलायन किया उसे पूरे देश ने देखा । वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिल्ली में उत्तराखंड प्रवासियों के लिए तुरंत 50 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की थी जो कि दिल्ली में प्रशासन की सुस्त चाल के चलते नाकाफी साबित हो रही है । उत्तराखंड प्रशासन को दिल्ली में फंसे लगभग 15 परिवारों की जानकारी 28 मार्च को दे दी गई थी परन्तु 6 दिन बीतने के बाद आज तक भी कोई इनकी सुध लेने के लिए तैयार नहीं है । दिल्ली में कार्यरत रेजिडेंट कमिश्नर ( ARC ) इला गिरी तो फोन भी नहीं उठा रहीं हैं वहीं मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी ( OSD ) अभय रावत से फोन पर बात करी तो वह भी किसी ना किसी तरह से बात को टाल रहे हैं । जहाँ उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उतर प्रदेश व बिहार के प्रवासियों को रातों रात दिल्ली की सीमा आनंद विहार व कौशाम्बी बस अड्डे से रवाना किया वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भी इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायता की बाट जोह रहे उत्तराखंड के निवासियों की सुध लेनी चाहिए ।
उत्तराखंड सरकार की नाकामी के कारण उत्तराखंड के कई निवासी दिल्ली में अभी तक सहायता के लिए मोहताज
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!



