Wednesday, July 15, 2026
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High BP कंट्रोल करते हैं ये योगासन, जानें इन्हें करने का सही तरीका व सावधानियां….

हाई बीपी की समस्या आजकल युवाओं में भी देखी जा रही है। खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। इस समस्या को कंट्रोल करने में योग काफी मदद कर सकता है।आजकल ज्यादातर लोग जिस तरह की लाइफस्टाइल जीते हैं उससे उन्हें बहुत ज्यादा तनाव की स्थिति से गुजरना पड़ता है। इस वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी आम होती जा रही है, जो शरीर के लिए घातक है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में योग बहुत मदद कर सकता है। योग में कई ऐसे आसन हैं जो शरीर में रक्तचाप को नियंत्रित करते हुए हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निपटने में व्यक्ति का सहारा बनते हैं। हम बता रहे हैं ऐसे ही कुछ आसन।

अधो मुख श्वानासन
सबसे पहले सीधे खड़े हों और फिर दोनों हाथों को आगे करते हुए जमीन की ओर झुकें। अपने घुटने और कूल्हों को सीधा रखें और हाथों को कंधों की सीध से थोड़ा पीछे करते हुए झुका हुआ रखें। हथेलियों को आगे की ओर धीरे-धीरे खिसकाएं। सांस छोड़ें और शरीर को हल्का सा धनुष के आकार में मोड़ें। हाथों को आगे की ओर ले जाते हुए अपने सिर को धीरे झुकाना शुरू करें। सिर के आगे रखे ब्लैंकेट पर अपना सिर टिकाएं और एड़ियों को हल्का ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान सांस ऐसे लें व छोड़ें जिससे पेट पर दबाव पड़े और वह स्ट्रेच हो।

सावधानी: इस आसन को पहले किसी प्रशिक्षित व्यक्ति या योगा ट्रेनर से सीखें व उनके सामने इसकी प्रैक्टिस करें। इस आसन में सिर नीचे की ओर झुके रहने के कारण खून का प्रवाह भी प्रभावित होता है, इसलिए बेहतर है कि इसे किसी की देखरेख में ही करें।

उत्तानासन
सीधे खड़े रहें और हाथों को शरीर के साइड में रखते हुए उन्हें भी सीधा रखें। धीरे से नीचे की ओर झुकें इस दौरान घुटनों को न झुकने दें और कमर की ओर से झुकते हुए हाथों को आगे लाएं व उससे जमीन को छूने की कोशिश करें। झुकते हुए सांस छोड़ें। इस आसन को करने के दौरान सांस लेते समय थोड़ा ऊपर की ओर उठें और फिर सांस छोड़ते समय नीचे और झुकने की कोशिश करें। इस मुद्रा में 30 सेकंड से लेकर एक मिनट तक रहें।

सावधानी: ध्यान रहे की नीचे झुकने के दौरान गलती से भी न तो सांस रोकें और न ही एकदम से मुद्रा में बदलाव करें नहीं तो चक्कर या अंधेरी आने का डर रहेगा। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि यदि आपका शरीर इतना लचीला नहीं है कि आपके हाथ जमीन को छू सकें तो जबरदस्ती न करें।

पश्चिमोत्तानासन
सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं और अपने पैरों को आगे की ओर फैला लें। हाथों व पीठ को ढीला छोड़ दें। सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं फिर सांस को छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें वह हथेलियों को पैरों की उंगलियों की ओर ले जाएं। सांस को थोड़ी देर रोकें और पैर के पंजों को कुछ सेकंड तक पकड़े रहें। धीरे-धीरे सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इसे करीब 3 से 5 बार दोहराएं।

सावधानी: यह आसन वे लोग न करें जिन्हें पेट से जुड़ी कोई समस्या है। साथ ही में इस बात का भी ध्यान रहे कि इस योग आसन को करने से पहले आपने कुछ खाया न हो। शरीर को उतना ही झुकाएं जितना आसानी से हो पाए। झटके से आगे झुकने या सीधे होने से बचें।

हलासन
सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को जांघों से सटा लें। अब धीरे-धीरे पांवों को मोड़े बगैर पहले 30 डिग्री, 60 डिग्री और फिर 90 डिग्री पर उठाएं। गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को सिर की ओर ले जाएं। पैर के पंजों को सिर के पीछे तक ले जाएं और जमीन को छुएं। इससे आपका शरीर हल की मुद्रा में दिखेगा। धीरे-धीरे सांस लें व छोड़ें, जितनी देर आसानी से संभव हो अपने शरीर को ऐसा रखें और फिर धीरे-धीरे ही शरीर को पहली की मुद्रा में वापस लाएं।

सावधानी: सर्वाइकल की दिक्कत है तो इस आसन को बिल्कुल भी न करें। अगर आसन करने से पहले या दौरान आपका बीपी हाई होता है तो तुरंत इसे करने से रुक जाएं। दिल के मरीजों को भी यह आसन नहीं करना चाहिए।

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