Wednesday, July 15, 2026
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Hypertension या हाई बीपी से जुड़े 5 मिथक और उनकी हकीकत…

हाइपरटेंशन को आम बोलचाल की भाषा में हाई बीपी कहा जाता है। आपका ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप इस बात पर निर्भर करता है कि हार्ट कितनी गति से ब्लड को पंप कर रहा है और धमनियों में रक्त कितने अवरोधों से गुजरता है। मेडिकल दिशा निर्देशों के अनुसार, 130/80 mmhg से अधिक का रक्तचाप हाई बीपी की श्रेणी में आता है। लेकिन हाई बीपी के बारे में कई मिथक भी हैं जिनके बारे में जानना जरूरी है…

हकीकत- यह सोच पूरी तरह से गलत है। अगर आपको हाइपरटेंशन है, तो आपको हेल्थ से जुड़ी कई दूसरी प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ सकता है। हाई बीपी की वजह से हार्ट, किडनी और शरीर के दूसरे हिस्सों को नुकसान होता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपको हाई बीपी है। यही कारण है कि हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि शुरुआत में हाई बीपी के कोई लक्षण नहीं दिखते लेकिन अचानक आपको हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है।

हकीकत- हाइपरटेंशन का कोई इलाज नहीं है, लेकिन हेल्दी और ऐक्टिव लाइफस्टाइल जीकर इसे रोका या नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ चीजें हैं जो हाइपरटेंशन को रोकने और सेहतमंद जीवन जीने में मदद कर सकती हैं, जैसे- वेट को कंट्रोल में रखें, हफ्ते में 5 दिन कम से कम 30 मिनट रेग्युलर एक्सर्साइज करें, अच्छा खाना खाएं जिसमें पोषक तत्वों की मात्रा अधिक हो और फैट कम, नमक का सेवन कम करें, स्मोकिंग और ऐल्कॉहॉल से बचें।

हकीकत- अगर आपको हाइपरटेंशन विरासत में मिला है, तो आप अपने पैरेंट्स से मिले जीन्स को बदल नहीं सकते लेकिन इसे कंट्रोल में रखने के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। अपनी लाइफस्टाइल में हल्का सा बदलाव लाकर हाइपरटेंशन को कंट्रोल किया जा सकता है। हेल्दी लाइफस्टाइल न केवल आपके हाइपरटेंशन को नियंत्रित करेगी, बल्कि आपकी बॉडी पर पॉजिटिव असर डालेगी। यह शुगर, कलेस्ट्रॉल और आपके वेट को भी नियंत्रित करेगी।

हकीकत- हाइपरटेंशन की दवा सेल स्तर पर लंबे समय तक गहरा प्रभाव छोड़ती है। अगर कोई अचानक दवाएं लेना बंद कर देता है, तो हाई बीपी कुछ हफ्तों तक नियंत्रित रह सकता है। लेकिन लंबे समय तक दवा लेना बंद कर देने की वजह से धीरे-धीरे हाई बीपी की समस्या फिर से बढ़ने लगती है और चूंकि इसके लक्षण पता नहीं चलते यह बिना शोर मचाए दिल, दिमाग और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए दवा छोड़ने या बंद करने से किडनी, हार्ट और ब्रेन को नुकसान होता है।

हकीकत- यह लोगों के बीच एक बड़ी गलत धारणा है कि हाई ब्लड प्रेशर केवल 40 से ज्यादा उम्र के लोगों को प्रभावित करता है और हाइपरटेंशन यंग ऐज में विकसित नहीं होता। लेकिन सही तथ्य यह है कि यह किसी भी समय किसी के साथ भी हो सकता है। वास्तव में, लगभग 5 में से 1 युवा वयस्कों को हाइपरटेंशन है। जरूरी बात यह है कि लोगों को कम उम्र में हाई बीपी की प्रॉब्लम ज्यादा हो रही है।

हकीकत- हाइपरटेंशन पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान रूप से प्रभावित करता है। यह कहा जा सकता है कि पीरियड्स बंद होने के बाद यानी मेनॉपॉज के समय महिलाओं को हाइपरटेंशन के कारण पुरुषों की तुलना में अधिक हार्ट प्रॉब्लम्स होने का खतरा रहता है।

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