पश्चिमी दिल्ली के मुंडका में शुक्रवार की रात भीषण अग्निकांड में 27 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई लोगों के अबतक लापता होने की खबर मिल रही है. जानकारी के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है और अबतक 12 अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. घटना मुंडका के पिलर नंबर 545 के पास के एक इमारत में, जिसे इलेक्ट्रिक सामानों का गोदाम कहा जा रहा है, उसमें घटित हुई है. इस घटना ने उपहार सिनेमा में लगी आग की घटना की याद दिला दी. इस दर्दनाक मे कई और लोगों के भी मारे जाने की आशंका है. एनडीआरएफ अपना रेस्क्यू अभियान चला रही है, जिसमें कई मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
सीएम केजरीवाल ने लिया जायजा, कहा-भीषण आग थी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज सुबह मुंडका आग घटना स्थल का दौरा किया और घटना की पूरी जानकारी ली. सीएम ने कहा कि यह एक भीषण आग थी, जिसमं कई लोग मारे गए हैं, कुछ लोगों के शरीर इस हद तक जल गए हैं कि उनकी पहचान नहीं की जा सकती है हम लापता और मृतकों की पहचान के लिए काम कर रहे हैं.
दमकल अधिकारी ने बताया कि आज सुबह हमें कुछ और शवों के अवशेष मिले हैं, ऐसा लगता है कि 2-3 लोगों के शव हैं. मरने वालों की संख्या 30 तक पहुंच सकती है. इमारत में प्लास्टिक सामग्री की अधिकतामुंडका आग पर डीसीपी बाहरी जिला समीर शर्मा ने कहा-हमने उपयुक्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने कुछ गलत किया या नियमों का पालन नहीं किया. हम करेंगे उचित जांच, दोषी पाए जाने पर अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई.
लोगों ने बताया-कैसा भयावह था मंजर…
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल से छुट्टी मिलने पर हादसे में घायल एक महिला ने बताया कि हम बैठक में बैठे थे, पता नहीं कब आग लग गई. बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं थ. केवल एक ही निकास था जहां आग लग चुकी थी. हम तीसरी मंजिल पर थे और वहां थे 250-300 लोग थे.
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में मुंडका आग में घायलों में से एक महिला बिमला ने बताया कि हम सब एक बैठक में बैठे थे. अचानक बिजली चली गई तो किसी ने कहा कि धुएं का गुबार उठ रहा है. उसके बाद अफरा-तफरी मच गई थी, खिड़कियां तोड़ दी गईं और लोगों ने नीचे उतरने के लिए हम पर रस्सियां फेंकी.



