अभी तक यूनियन के पंजीकरण के लिए केवल सात सदस्यों की जरूरत पड़ती है। लेकिन ड्राफ्ट में प्रस्ताव है कि यूनियन के पंजीकरण के लिए कम से कम 10 फीसदी कर्मचारी होने चाहिए।
जहां 10 फीसदी सात से कम हो वहां कम से कम सात कर्मचारियों का होना जरूरी है। इसी तरह यदि 10 प्रतिशत का आंकड़ा सौ से ऊपर जा रहा हो तो संगठन के पंजीकरण के लिए सौ कर्मचारी पर्याप्त हैं।
यदि यह प्रस्ताव मान लिया गया तो ट्रेड यूनियन बनाना बेहद कठिन हो जाएगा। हिंद मजदूर सभा के सचिव एडी नागपाल ने बताया कि राजस्थान सरकार ने भी इस तरह के कानून वाला बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा था।
तब श्रम मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विश्वास दिलाया था कि ऐसा नहीं होगा पर अब वे केंद्रीय कानून में संशोधन करना चाहते हैं, जिसका असर पूरे देश पर पड़ेगा।



