धरती पर कई एैसे फूल और पौधें हैं जो केवल देखने में ही सुंदर नहीं लगते अपितु इन फूलों का हमारी सेहत से सीधा संबंध भी है। पहाड़ों में कई तरह की जड़ी—बूटिंया पाई जाती हैं। इसके अलावा यहां पर एक एैसा फूल पाया जाता है जो हमें कई बीमारियों से बचा सकता हैं यानि की औषधियुक्त पौधा। उत्तराखंड, हिमाचल और नेपाल विश्व की तीन एक मात्र एैसी जगह हैं जहां बुंरास का आयुर्वेदिक पौधा मिलता है। कई रंगों में पाया जाने वाला ये फूल बहुत से गुणों से भरपूर होता है। इस फूल के जूस से आप कई गंभीर रोगों से बच सकते हो। समुद्र तल से 3500 मीटर उंचे पहाड़ी इलाकों में ये फूल गर्मियों के मौसम में उगता है।
आयुर्वेद में भी जिक्र किया गया है इस फूल का। लाल रंग वाला बुंरास में सबसे अधिक स्वास्थवर्धक गुण पाए जाते हैं। ये फूल केवल विशेष मौसम में ही होता है। उस समय इसकी मांग खूब बढ़ जाती है।
इन रोगों का उपचार करता है बुंरास का जूस
जो लोग खासकर की दिल की बीमारी या फिर किड़नी में होने वाली दिक्कत से ग्रसित हों वे इस जूस का सेवन नियमित करें। इससे इन रोगों से छुटकारा पा लेगें।
खून की कमी
इस फूल के रस में विटामिन ए के अलावा विटामिन बी—1 और बी—2 भी होता है। जो इंसान के शरीर में एनिमया यानी खून की कमी को दूर करता है। ये लाल पहाड़ी फूल वजन को बढ़ने से रोकता है।
हड्डियों का दर्द
उम्र जैसे—जैसे बढ़ती है हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। साथ ही दर्द का होना भी स्वभाविक हो जाता है। ऐसे में यदि आप नियमित होकर बुंरास का जूस पीते हो तो कुछ ही दिनों में आपका ये दर्द ठीक हो जाएगा।
स्किन से जुड़ी समस्याएं
इस फूल से बनने वाला शर्बत को यदि आप नियमित पीते हैं तो इससे आपकी त्वचा साफ होगी। इस जूस में एंटीआॅक्सीडेंट होते हैं जो
दिमाग को भी शांत रखते हैं।
ब्लड प्रेशर की समस्या
दिनों दिन ये समस्या आम होती जा रही है लेकिन इससे होने वाले नुकसान भी बहुत हानिकारक होते हैं। यदि आपका रक्तचाप यानि ब्लड प्रेशर हमेशा हाई रहता हो तो आप जरूर इस फूल के जूस का सेवन करें। इससे ये समस्या जड़ से ठीक हो जाएगी।
शरीर में आयरन की कमी
वे लोग जिनके शरीर में आयरन तत्व यानी की लौह की मात्रा कम हो गई हो वे बुंरास का जूस या शर्बत जरूर पीएं। इससे शरीर
बीमारियों से लड़ने में भी सक्षम हो जाता है।
बुंरास के फूल के अन्य फायदे
चटनी
दोस्तों ये फूल केवल बीमारियों को ठीक नहीं करता इसके अलावा भी आप इसका सेवन चटनी के रूप में भी कर सकते हो। इसके स्वादिष्ट चटनी बनती है जो पोषक तत्वों से भरपूर होती है।
जैविक खाद
किसानों के खेतों में जैविक खाद का भी काम करता है ये फूल। इस फूल के पत्तों को सुखाकर इसकी जैविक खाद तैयार की जाती है जो खेतों को काफी उपजाऊ भी बनाती है।
लकड़ी में भी है दम
बुंरास के पेड़ से निकलने वाली लकड़ी का भी प्रयोग किया जाता है। इसकी लकड़ी से फर्नीचर और कई तरह के उपकरण भी बनाए जाते हैं।
वास्तुदोष खत्म होता है
कम लोग इस बात को जानते हैं कि बुंरास के फूल का वास्तु महत्व भी होता है। यदि आप इस फूल को घर के मेन गेट के आग टांगते
हो तो इससे कभी भी आपके घर में बुरी हवा या नकारात्मक उर्जा प्रेवश नहीं कर पाएगी।
इतने सारे गुणों से भरपूर इस प्राकृतिक फूल को हिमाचल ने तो अपने राज्य का फूल भी बना दिया है।



