दिल्ली के हौजरानी इलाके में 17 नवंबर की सुबह एक महिला बुरी तरह से घायल अवस्था में अपनी मरी हुई बेटी और घायल बेटे के बगल में पड़ी थी। उस वक्त कहा गया था कि महिला ने डिप्रेशन में आकर अपनी बेटे-बेटी पर चाकू से वार करने के बाद खुद को भी मारने की कोशिश की। लेकिन अब तीन हफ्तों बाद जब वह महिला होश में आई है तो इस मामले का असली सच बाहर आ रहा है जिससे पुलिस भी हैरान है।दरअसल तीन हफ्ते कोमा में रहने के बाद रविवार को जब मोहसिना बेगम होश में आई तो उसने बताया कि न तो उसने खुद को घायल किया था न अपने बच्चों को मारा था। बल्कि ये काम उसके पति और देवर ने किया था। वही दोनों इस पूरी वारदात के पीछे हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार मोहसिना बेगम के बयान ने पुलिस जांच में एक नया मोड़ ला दिया है। अब तक पुलिस मान रही थी कि महिला ने ही वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन अब पुलिस मोहसिना के पति मोहम्मद शमीम और देवर मोहम्मद सलीम की भूमिका पर जांच कर रही है।मोहसिना ने बताया कि 16 नवंबर की रात वो और उसके बच्चे सो रहे थे। उस दिन उसका पति देर रात घर आया और उनके साथ गाली गलौच करने लगा और फिर पत्नी की पिटाई भी की। पुलिस को दिए अपने बयान में मोहसिना ने बताया कि, ‘शमीम दिनभर घर पर रहता है और शाम को शराब पीने बाहर जाता है। रात में 2-3 बजे वह घर वापस आता है। उस दिन वह रात में 12 बजे घर आया और मुझे पीटना शुरू कर दिया। वह मुझे 4 बजे सुबह तक मारता रहा। मेरे सास-ससुर भी हमें देखने आए थे। सुबह 7 बजे जब मैं सोने गई तो मैंने देखा शमीम और सलीम मेरी बेटी का गला चाकू से काट रहे थे। जब मैंने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने मेरी उंगली चाकू से काट दी।’जब मोहसिना दोबारा अपनी बेटी को बचाने गई तो दोनों ने उसका ही गला काट दिया। वह दौड़कर बाहर मदद के लिए चिल्लाने गई लेकिन वह नहीं बोल पाई। वह दोबारा घर में दौड़ी-दौड़ी गई तो देखा कि पति और देवर दोनों घर में मौजूद थे। इसके बाद उसे कुछ याद नहीं है। रविवार(9 नवंबर) को जब उसे होश आया तो उसने देखा कि उसके बेटे के गले में भी चोट के निशान हैं। मोहसिना ने बताया कि उसने अपनी बेटी को नहीं देखा है।



