Wednesday, July 15, 2026
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ब्रेस्ट कैंसर की खुद करें पहचान और ऐसे करें बचाव…

ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं आरएमएल हॉस्पिटल के डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी के कैंसर सर्जन, डॉक्टर ए.सत्य नारायण राव…

मेरी उम्र 20 साल है और 4 साल पहले मेरी ब्रेस्ट में लंप हुआ था। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी थी, लेकिन मैंने नहीं करवाया। अब तक लंप का साइज नहीं बढ़ा है और न ही वह दर्द देता है। क्या यह ब्रेस्ट कैंसर की निशानी है? वहीं ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए क्या डेली रूटीन होनी चाहिए?

आमतौर पर 20 साल की उम्र में ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता है। फिर भी आपको कैंसर स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए। गांठ (lump) कैंसर वाला है या नहीं इसका पता लगाना जरूरी है। गांठ का पता अल्ट्रासाउंड और मेमोग्राम से होता है। आपकी उम्र कम है इसलिए इसमें अल्ट्रासाउंड करना चाहिए। इसके साथ आपको एफएनएसी टेस्ट कराना चाहिए, यह एक ऐसा टेस्ट है जो कैंसर बताता है। इस टेस्ट में गांठ में सूई डालकर थोड़ा सा फ्ल्यूड निकाल लिया जाता है और इसे माइक्रोस्कोप के जरिए जांच की जाती है। इससे गांठ का नेचर पता चलता है। अगर गांठ के कारण दर्द हो रहा है तो निकाल देना चाहिए। दूसरी बात हर महिला और युवती को अपने ब्रेस्ट की जांच खुद करनी चाहिए। नहाने के समय अपने ब्रेस्ट को प्रेस करके पता लगाएं कि कोई गांठ तो नहीं है। यह प्रोसेस रोजाना करें, जैसे ही कोई गांठ नजर आए, तुरंत डॉक्टर से मिलें। ब्रेस्ट कैंसर का खानपान से कोई लिंक नहीं है।

मेरी उम्र 32 साल है और मेरे 3 बच्चे हैं। तीनों बच्चे सर्जरी करके हुए हैं। मेरे दोनों ब्रेस्ट की साइज में अंतर है और एक साइड पर हल्का दर्द भी होता है। ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कैसे की जाए बताएं।

शाजिया
ब्रेस्ट के अंदर गांठ बन जाती है, जो कैंसर वाला टिशू हो सकता है। शुरुआत में इसकी पहचान का कोई लक्षण नहीं है। एकमात्र लक्षण है कि आप अपने ब्रेस्ट की जांच खुद करें। जहां तक साइज की बात है तो हर औरत के दोनों ब्रेस्ट का साइज एक सामान नहीं होता है, उसमें थोड़ा बहुत अंतर होता ही है। इसलिए साइज की चिंता न करें। यह नॉर्मल फीचर है।

मेरी पत्नी की उम्र 35 साल है, उनके ब्रेस्ट को छूने से ही दर्द होने लगता है, इसका क्या कारण हो सकता है। सलाह दें?
आपके सवाल से ऐसा लग रहा है कि आपकी पत्नी को बिनाइन ब्रेस्ट डिजीज हो सकता है। यह अक्सर हार्मोन की वजह से होता है, जिसे मेडिकली फाइब्रॉइड ऐडिनोसीस कहा जाता है। इसमें गांठ का क्लियर पता नहीं चलता है। अल्ट्रासाउंड या मेमोग्राम से पता चल जाता है। आप तत्काल कैंसर स्पेशलिस्ट से मिलें और उन्हें अपनी परेशानी बताएं। कई सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज होता है। हां, मरीज को इनर वियर एक साइज छोटा पहनना चाहिए। इसके इलाज में सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। दवा और कुछ स्पेशल ऑइल दी जाती है, लेकिन डॉक्टर के सलाह के बिना यह यूज नहीं करें।
ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कैसे की जाए। साथ ही हम ब्रेस्ट कैंसर से कैसे बच सकते हैं?
दीक्षा जौली

ब्रेस्ट कैंसर होने की वजह क्लियर नहीं है। लेकिन कुछ को जेनेटिक कारण से होता है, खासकर जिनके फैमिली में किसी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ होता है तो उनमें यह बीमारी होने का खतरा बाकी से ज्यादा होता है। सेल्फ एग्जामिनशेन से पता लगाया जा सकता है। अगर कभी आपको ब्रेस्ट में कोई गांठ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। 40 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड विकल्प है, इससे ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए मेमोग्राम का ऑप्शन होता है। इसके बाद कैंसर फिक्स करने के लिए एफएनएसी की जांच की जाती है। इसका प्रिवेंटिव मेजर कुछ नहीं है। जो महिलाएं हार्मोनल टैबलट यूज करती हैं, जिनकी शादी लंबी उम्र में होती है, ब्रेस्ट फीडिंग नहीं कराने पर, स्मोकिंग और शराब पीने वालों में ज्यादा खतरा रहता है। यह कोई गारंटी नहीं है कि इसके फॉलो करने वालों को ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता है। इसलिए खुद अलर्ट रहें और बीच-बीच में अपनी जांच करते रहें, ब्रेस्ट में गांठ बनते ही डॉक्टर के पास जाएं।

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