Tuesday, July 14, 2026
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फिर बदला गया इतिहास इलाहाबाद का नाम बदल कर रखा गया प्रयागराज

संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदल कर रखा गया प्रयागराज

 इलाहाबाद का नाम 444 साल बाद एक बार फिर से बदला गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस बात का एलान कर दिया है। इससे संत समाज भी उत्साहित है। दरअसल, पुराणों में इसका नाम प्रयागराज ही था। अकबर के शासनकाल के दोरान इसे इलाहाबाद कर दिया गया था।

पौराणिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए वर्षों से इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने की मांग उठ रही थी। मगर किभी ने इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। जब मार्च 2017 को योगी सरकार उत्तर प्रदेश में आई तो उन्होंने जनता से यह वादा भी किया था कि वे इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर देंगे। इसके बाद कई संतों ने योगी आदित्यनाथ को उनका वादा को याद दियाला।
प्रयागराज का पौराणिक महत्व
रामचरित मानस में इलाहाबाद को प्रयागराज ही कहा गया है। बता दे कि संगम के जल से प्राचीन काल में राजाओं का राजअभिषेक भी होता था। इस बात का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में है। वन जाते समय श्रीराम प्रयाग में भारद्वाज ऋषि के आश्रम पर होते ही गए थे। भगवान श्रीराम जब श्रृंग्वेरपुर पहुंचे तो वहां पर भी प्रयागराज का ही जिक्र आया था। सबसे प्राचीन एवं प्रामाणिक पुराण मत्स्य पुराण के 102 अध्याय से लेकर 107 अध्याय तक में इस तीर्थ के महात्म्य का वर्णन है। उसमें लिखा है कि प्रयाग प्रजापति का क्षेत्र है जहां गंगा और यमुना बहती हैं।

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