वाराणसी के चेतगंज थाना अंतर्गत रामकटोरा क्षेत्र की रामपुरी कॉलोनी में बुधवार की देर शाम रिलायंस ट्रांसपोर्ट एजेंसी में रखे केमिकल से भरे दो ड्रमों में धमाके के साथ आग लग गई। जहरीला धुआं फैलते ही लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो आसपास के मकान खाली करा लिए गए।
सूचना पाकर पहुंचे दमकल कर्मियों ने ब्रीथिंग ऑपरेशन सूट पहन कर हाई प्रेशर वाटर और अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पाया गया। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट एजेंसी में रखे अन्य आठ ड्रमों को सील कर दिया गया। अग्निशमन विभाग के अनुसार शार्ट सर्किट या लीकेज की वजह से केमिकल भरे ड्रमों में आग लगी थी।
रामकटोरा निवासी हरिशंकर श्रीवास्तव की रामपुरी कॉलोनी में ट्रांसपोर्ट एजेंसी है। हरिशंकर के अनुसार कानपुर की एक इंडस्ट्रियल कंपनी से 10 ड्रम सोडियम हाइड्रो सल्फाइड केमिकल उनकी एजेंसी में आया था और उसे रात में गोरखपुर भेजा जाना था। शाम के समय अचानक लीकेज होने के कारण दो ड्रमों में धमाके के साथ आग लग गई और धुएं का गुबार छा गया।
धुआं फैलते ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो आसपास के लोग भी अपने घर और दुकान खाली कर बाहर आ गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि सोडियम हाइड्रो सल्फाइड केमिकल कई तरह के काम में उपयोग में आता है।
आग लगने पर इससे जहरीला धुआं निकलता है और सांस लेने में दिक्कत, उल्टी सहित अन्य तरह की परेशानियां होने लगती हैं। सामान्य तरीके से जाने पर दमकल कर्मी बेहोश हो जाते, इसलिए उन्हें ब्रीफिंग ऑपरेशन सूट पहना कर अंदर भेजा गया और आग पर काबू पाया गया। मौके पर मौजूद अन्य आठ ड्रमों को सील कर ट्रांसपोर्टर से उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाने को कहा गया है।
कॉलोनी के लोग बोले, ऐसा रिस्क क्यों ले रहे ट्रांसपोर्टर :
रामपुरी कॉलोनी के लोग हादसे के बाद सहमे दिखे। सभी का कहना था कि कॉलोनी में दर्जनों ट्रांसपोर्ट एजेंसियां हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह का केमिकल लाकर ट्रांसपोर्टर सभी की जान को खतरे में डाल रहे हैं। आखिरकार इस तरह से रिस्क लेने की क्या जरूरत है। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर चेतगंज प्रवीण कुमार से सभी ने मांग की कि वो औचक निरीक्षण करें और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए।



