Wednesday, July 15, 2026
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55 वर्षीय महिला नशे की खेप के साथ गिरफ्तार, पंजाब-हरियाणा और हिमाचल प्रदेश करती थी सप्लाई….

सीआईए-टू की टीम ने 55 वर्षीय महिला को नशीले इंजेक्शनों की खेप और नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। यह महिला दो साल से पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के लोगों को नशीले इंजेक्शन सप्लाई कर रही थी। महिला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नशीले इंजेक्शन मंगवाकर सरेआम जीरकपुर के सिंहपुरा से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करती थी।

इसका खुलासा सीआईए-टू की टीम ने किया है। रोजाना की तरह महिला सिंहपुरा चौक पर नशीले इंजेक्शनों के खेप की सप्लाई के लिए बैठी थी, तभी इसकी भनक सीआईए-टू की टीम को लगी। टीम ने उसे बुधवार शाम करीब 4:30 बजे 737 नशीले इंजेक्शनों की खेप और 1.67 लाख की नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया। महिला की पहचान नरिंदर कौर (55) निवासी अंबाला के रूप में हुई। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

120 रुपये का नशीला इंजेक्शन 300 से 400 में बेचती थी
नरिंदर कौर नशीले इंजेक्शनों को कम कीमत पर मंगवाकर दो से तीन गुना दाम पर बेचती थी। सीआईए-टू के सबइंस्पेक्टर राम दर्शन शर्मा ने बताया कि महिला के पास से 325 एविल और 412 बुप्रेनोरफिन इंजेक्शन बरामद हुए हैं। महिला ने पूछताछ में बताया कि 120 रुपये प्रति इंजेक्शन को वह सहारनपुर से मंगवाकर पंजाब के जीरकपुर, हरियाणा सहित हिमाचल प्रदेश में 300 से 400 रुपये में बेचती थी।

कॉल डिटेल से नशा सप्लायरों तक पहुंचेगी पुलिस

सीआईए-टू के अधिकारियों की मानें तो महिला के मोबाइल फोन के नंबरों की पुलिस जांच कर रही है। जहां जहां नंबर कनेक्ट होंगे उन्हें बुलाकर पुलिस पूछताछ करेगी। इसी के आधार पर नशा सप्लायरों तक पहुंचने में सफलता मिल सकती है और यूपी से कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

नशा बढ़ाने के लिए नशीले इजेक्शनों का इस्तेमाल
नशे को कई गुना बढ़ाने के लिए नशेड़ी एविल इंजेक्शन में स्मैक मिलाकर लगाते हैं। इसलिए एविल इंजेक्शन नशेड़ियों की पहली पसंद बनने से मरीजों को यह इंजेक्शन मेडिकल से उपलब्ध होना बंद हो गए हैं। आश्चर्य की बात तो ये है कि मरीजों को तो डॉक्टर के लिखने के बाद भी यह इंजेक्शन मेडिकल पर उपलब्ध नहीं होता, लेकिन नशेड़ियों को मेडिकल स्टोर पर यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

वहीं नशेड़ी बुप्रेनोरफिन से भी नशा करते हैं। यह ओपिओइड एगोनिस्ट-वैराग्य नामक दवाओं की श्रेणी के अंतर्गत आता है। यह उन लोगों को दिया जाता है जो ऑपियोऑडियो पर नशे की लत या निर्भरता रखते हैं। इसका उपयोग ड्रग एब्यूज का इलाज करने के लिए किया जाता है। नशेड़ी आजकल इसका इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे हैं।

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