Wednesday, July 15, 2026
Google search engine
Homeराजनातिक खबरे10 अगस्त के बाद ही होगा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला......

10 अगस्त के बाद ही होगा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का फैसला……

प्रमुख संवाददाता, नई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन के बाद अब नए अध्यक्ष को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। कई नामों पर कयासबाजी …

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन के बाद अब नए अध्यक्ष को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। कई नामों पर कयासबाजी के दौर चल रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है अभी कुछ दिनों तक प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति संभव होती नहीं दिख रही है। सूत्रों का दावा है कि 10 अगस्त को एआईसीसी में वर्किंग कमिटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर फैसला हो सकता है। उसके बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति संभव है, यानी 15 अगस्त के आसपास प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है।

20 जुलाई को शीला दीक्षित के निधन के बाद से प्रदेश कांग्रेस बिना अध्यक्ष के ही जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। तीनों वर्किंग कमिटी के पास इसे चलाने की जिम्मेदारी है, लेकिन तीनों के बीच तालमेल की कमी की वजह से अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है। यहां तक कि ब्लॉक अध्यक्ष और ब्लॉक ऑब्जर्वर के मामले में भी तीनों नेताओं के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई, इसलिए इस मुद्दे को तब तक के लिए टाल दिया गया है जब तक कि नया अध्यक्ष नहीं चुन लिया जाता। अब इसका हल नए अध्यक्ष पर छोड़ने का फैसला किया गया है। चुनावी साल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बिना पार्टी चलाने का रिस्क नहीं ले सकती।

हालांकि प्रदेश कांग्रेस की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि स्थानीय नेताओं में कोई ऐसा कद नहीं है जो शीला दीक्षित की जगह की भरपाई कर सके। शीला का अनुभव और कद दोनों ही दिल्ली की राजनीति में इतना बड़ा मुकाम हासिल कर चुके हैं कि अब उनके साथी नेताओं को उनकी जगह भर पाना आसान नहीं होगा। लेकिन गुटबाजी के आधार पर ही नए अध्यक्ष के नामों पर भी चर्चा हो रही है, प्रदेश नेता अपने-अपने अनुसार नाम उछाल रहे हैं। लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि शीला दीक्षित के निधन के बाद उनके पुत्र संदीप किस प्रकार दिल्ली की राजनीति से खुद को जोड़े रखते हैं, क्योंकि पिछले कुछ सालों से संदीप दिल्ली की राजनीति से दूर रहे हैं। लेकिन अब शीला के निधन के बाद हो सकता है कि वो दिल्ली को ज्यादा समय दें, ऐसे में अध्यक्ष को लेकर उनके नाम पर भी चर्चा लाजिमी है।

वहीं, दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में जेपी अग्रवाल, योगानंद शास्त्री, सुभाष चोपड़ा, महाबल मिश्रा, अरविंदर सिंह लवली के नामों पर भी कयास लगाए जा रहे हैं। किंतु प्रदेश कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि अंतिम फैसला तो एआईसीसी को करना है, लेकिन जब तक फैसला नहीं हो जाता, प्रदेश कांग्रेस में खींचतान जारी रहेगी। हालांकि प्रदेश को चलाने के लिए तीनों वर्किंग अध्यक्ष बैठकें कर रहे हैं, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार को एक बैठक होने वाली है, जिसमें ये सभी नेता शामिल होंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments