प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि भारतीय राजनीति के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया.
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया. वह 67 वर्ष की थीं. एम्स के सूत्रों ने बताया कि स्वराज को रात 10 बजकर 15 मिनट पर अस्पताल लाया गया और उन्हें सीधे आपातकालीन वार्ड में ले जाया गया. भाजपा की वरिष्ठ नेता का 2016 में गुर्दा प्रतिरोपित किया गया था और स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था. पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की पार्थिव देह बुधवार को तीन घंटे के लिए भाजपा मुख्यालय में रखी जाएगी जहां पार्टी कार्यकर्ता और नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि अंतिम संस्कार लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा. उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि भारतीय राजनीति के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया. मोदी ने स्वराज के निधन को ‘व्यक्तिगत क्षति’ बताया. मोदी ने ट्वीट किया, ‘असाधारण नेता के निधन से भारत शोकाकुल है.’ उन्होंने कहा कि वह भूल नहीं सकते कि कैसे पूर्व विदेश मंत्री बिना थके काम करती थीं. पीएम मोदी ने कहा, ‘यहां तक कि जब उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था तब भी वह अपने काम के साथ न्याय करने के लिए जो कर सकती थीं करती थीं और अपने मंत्रालय के मसलों से वाकिफ रहती थीं.’
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘भारतीय राजनीति में एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया. भारत एक असाधारण नेता के निधन से शोकसंतप्त है, जिन्होंने जनसेवा और निर्धनों के जीवन में सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. सुषमा जी अपने आप में अलग थीं और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत थीं.’ पीएम ने स्वराज को असाधारण वक्ता और उत्कृष्ट सांसद बताया तथा कहा कि सभी राजनीतिक दलों के लोग उनकी प्रशंसा करते थे और उनका सम्मान करते थे. उन्होंने कहा, ‘जब बात विचारधारा की आती थी अथवा भाजपा के हितों की आती थी तो वह किसी प्रकार का समझौता नहीं करती थीं, जिसे आगे ले जाने में उनका बहुत योगदान था. एक उत्कृष्ट प्रशासक, सुषमा जी ने जो भी मंत्रालय संभाला, उसमें उच्च मानक स्थापित किए. उन्होंने विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को सुधारने में अहम भूमिका निभाई. एक मंत्री के तौर पर हमने उनका करुणामय पक्ष भी देखा जो विश्व के किसी भी कोने में परेशान भारतीय की मदद करता था.’
साथ ही उन्होंने कहा, ‘सुषमा जी का निधन एक व्यक्तिगत क्षति है. भारत के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया, उसके लिए उन्हें याद किया जाएगा. इस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण वक्त में उनके परिवार,समर्थकों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. ऊं शांति.’



