पुलिस वालों पर दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद हरकत में आई पुलिस ने 36 घंटे के भीतर एक आरोपित को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर लिया है। एक फरार आरोपित की तलाश की जा रही है। यह भी साबित हो गया है कि घटना में कोई पुलिसकर्मी शामिल नहीं था बल्कि दवा कंपनी के एरिया मैनेजर और एमआर ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक और हेलमेट बरामद कर लिया है। घटना के पर्दाफाश में होटल के सीसीटीवी फुटेज, युवती की ओर से की गई आरोपियों की पहचान मुख्य आधार बनी। एसएसपी ने पर्दाफाश में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान बलिया जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के अजनेरा निवासी आलोक कुमार सिंह के रूप में हुई। फरार आरोपित वाराणसी निवासी आशीष कुमार सिंह बताया जा रहा है। एसएसपी ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपित के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि एक कंपनी के एरिया मैनेजर ने होटल में कमरा बुक कराया था। वह अपने एमआर के साथ कंपनी के काम से बरगदवां की ओर गया था और काम खत्म करके दोनों होटल लौट रहे थे। इसी दौरान युवती मिल गई। वे उसे बाइक से लेकर होटल आ गए। होटल के लिफ्ट से एक शख्स चढ़ा, युवती उसके साथ थी और वह हेलमेट लगाए हुआ था। दूसरा शख्स थोड़ी देर बाद गया था। कमरे में ले जाकर दोनों ने युवती का सामूहिक दुष्कर्म किया और रात में होटल के पीछे वाले रास्ते से उसे बाहर निकाल दिया।
घटना के अगले दिन यानि शुक्रवार को युवती जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची और पुलिसवालों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू की। होटल में जांच की गई तो कमरा वाराणसी के रहने वाले एक दवा कंपनी के एरिया मैनेजर के नाम पर बुक पाया गया। शुक्रवार को ही उसने चेकआउट भी किया था। सीसीटीवी फुटेज और रास्ते में मिले कुछ फुटेज के आधार पर युवक की पहचान कर उसको गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि सीडीआर और अन्य साक्ष्य से भी यह साबित होता है कि घटना आलोक ने ही अपने एरिया मैनेजर के साथ मिलकर की थी।
इस वजह से बताया था पुलिस
एसएसपी ने बताया कि आरोपित आलोक एमआर था और एरिया मैनेजर से सर कहकर बात कर रहा था। उसने खाकी रंग का शर्ट पहनी थी और कद काठी से भी पुलिसकर्मी की ही तरह लग रहा था, इस वजह से युवती ने आरोपियों को पुलिसकर्मी समझ लिया। जल्द ही युवती का कोर्ट में बयान भी करा दिया जाएगा।
होटल का कमरा सीज पर कर्मचारियों की गलती नहीं मिली
सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने बताया कि होटल के उस कमरे को सीज कर दिया गया है जहां पर घटना हुई थी। हालांकि होटल के दस्तावेज जांचने पर यह पाया गया है कि बुकिंग की गई थी और आधार कार्ड भी लगा था। उस आधार कार्ड से भी घटना के पर्दाफाश में मदद मिली। गार्ड ने युवती के आने पर आपत्ति भी जताई थी लेकिन कमरा बुक होने की वजह से गार्ड ने जाने दिया था।



