भजनपुरा के सी ब्लॉक स्थित दंपती समेत तीन बच्चों की हत्या के मामले में रविवार को पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे की रॉड बरामद कर ली है। आरोपी प्रभु चौधरी ने लोहे की रॉड को घटनास्थल के पास ही छिपा दिया था। हालांकि मृतका का मोबाइल बरामद नहीं हो पाया है। उधर, आरोपी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में स्पष्ट हो रहा है कि आरोपी ने अकेले ही पूरी वारदात को अंजाम दिया। आरोपी प्रभु चौधरी की रिमांड के दौरान उसने आखिरकार सच उगल ही दिया। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने पौने चार लाख रुपये के लिए पूरी योजना के साथ पांचों लोगों की हत्या की। मृतक शंभू चौधरी अपनी इस रकम को उससे वापस मांग रहा था। सबसे ज्यादा शंभू की पत्नी उसे इन रुपयों के लिए अक्सर ताने देती थी। बच्चों को भी इन रुपयों के बारे में पता था। प्रभु चौधरी ने सभी को रास्ते से हटाने की साजिश रची और 3 फरवरी को शंभू को फोन कर लक्ष्मी नगर बुलाया और खुद उसके घर आकर उसकी पत्नी की हत्या कर दी। बाद में एक के बाद एक उसके तीनों बच्चों को भी मौत के घाट उतार दिया।
भजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शनिवार को आरोपी प्रभुनाथ को साथ लेकर मौका ए वारदात का रिक्रिएशन किया। पुलिस आरोपी के बैंक खातों की डिटेल भी खंगाल रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शंभू और उसके परिवार की मौत की वजह और टाइमिंग का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही चलेगा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वारदात के दौरान उसने घर में अंधेरा करने के लिए घर में लगे बल्ब को उतार दिया था और फिर हत्याकांड को अंजाम दिया।
आरोपी प्रभुनाथ शंभू के घर से एक थैला भी ले जाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है। थैले में क्या था, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। बता दें कि 12 फरवरी को भजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव एक मकान से बरामद हुए थे।
मरने वालों में शंभूनाथ, उसकी पत्नी और तीन नाबालिग बच्चे शिवम, कोमल और सचिन थे। शव बुरी तरह सड़ी हुई हालत में मिले थे। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही शंभूनाथ की बुआ के लड़के प्रभुनाथ को गिरफ्तार कर हत्याकांड की गुत्थी से पर्दा उठाने की बात की थी। आरोपी ने तीन फरवरी को सभी की लोहे की रॉड से वारकर हत्या कर दी थी। फिलहाल पुलिस ने रॉड बरामद कर ली है।



