होली का त्योहार बस अब कुछ ही दिन दूर है। भारत में फाल्गुन महीने के पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला ये त्योहार रंगों और खुशियों का दिन है। बच्चों में इस दिन बड़ा ही उत्साह रहता है। कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन इस दिन के अवसर के लिए घरों में बनाए जाते हैं।
कहा जाता है कि इस दिन सभी लोगों को सारे गिले-शिकवे मिटाकर दोस्ती कर एक नई शुरुआत करनी चाहिए। यही इस त्योहार का उद्देश्य भी है। अहंकार पर आस्था और विश्वास की जीत के कारण यह त्योहार मनाया जाता है।
होली के दिन सभी लोग जमकर रंग और गुलाल खेलते हैं। ज़ाहिर है ऐसे में आप भी इसे खेलने के लिए काफी उत्साहित होंगे। भाई-बहन, यार-दोस्त और आस-पड़ोस के लोग एक दूसरे को खूब रंग लगाते हैं। कभी-कभी रंग आंखों में भी चला जाता है, जिससे आंखों को बहुत नुकसान भी पहुंच सकता है।
आंखों के लिए ख़तनाक हो सकता है रंग
रंगों को तैयार करने के लिए तरह-तरह के केमिकल और एसिड का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में जब यह रंग आंखों में जाता है, तो बड़ी तेज़ जलन होती है और कभी-कभी यह आंखों की पुतली को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचता है। ऐसे में होली की मौज-मस्ती के दौरान आंखों को खतरनाक रंगों से बचाए रखना बहुत ज़रूरी है।
आज हम बता रहे हैं कि होली के दिन अगर आपकी आंखों में भी अनजाने में रंग चला जाता है तो अपनी आंखों को नुकसान से बचाने के लिए आप क्या कर सकते हैं।
1. होली के दिन रंग, गुलाल से खेलने से पहले अपनी आंख के आसपास तेल या फिर मॉइश्चराइज़र लगा लें। इससे आपकी आंखों के आसपास की त्वचा में नम हो जाएगी और साथ ही रंग आंखों के अंदर जाने के बजाय पलकों पर ही चिपक जाएगा।
2. ध्यान रहे रंग चले जाने पर आंखों को रगड़कर साफ न करें। इससे आंखों को काफी नुकसान पहुंच सकता है, साथ ही जलन भी पैदा हो सकती है। इसलिए अगर आंखों में रंग चला जाए तो इसे हाथों से रगड़े नहीं बल्कि किसी सूती कपड़े से हल्के हाथों से साफ करें।
3. होली खलने से पहले आप आंखों के लिए पहले से आइड्रोप खरीद लें। मार्केट में ऐसे कई आई ड्रॉप उपलब्ध हैं, जिनकी एक बूंद से आपकी आंखों में गया रंग तुरंत ही बाहर निकल सकता है। किसी डॉक्टर की सलाह से आप ये आईड्रॉप ले सकते हैं।
4. होली में रंग खेलने के दौरान रंग आंखों में चला जाए तो इसे पानी से तुरंत न धोएं। गुलाल चले जाने के तुरंत बाद आंखों को धोने से रोटिना में रंग फैल सकता है, जिससे आंखों की रोशनी जा सकती है।



