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26, 27,28 अक्टूबर को कचेडा गांव में हाइटेक बिल्डर ने प्रशासन के साथ मिलकर किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जे की कार्रवाई शुरू कर दी थी I कचेड़ा गांव के किसानों ने जबरन कब्जे की कार्रवाई का विरोध किया था I इस दौरान किसानों के ऊपर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया थाI जिसमें 1 दर्जन से अधिक किसान गंभीर रूप से घायल हो गए थे इ किसानों के समर्थन में किसान सभा गौतमबुद्धनगर ने मौके पर पहुंचकर बिल्डर का विरोध किया पुलिस ने मौके पर लाठीचार्ज कर 86 लोगों को हिरासत में लेकर 151 सीआरपीसी की धारा में जेल में निरुद्ध कर दियाI किसानों के शांतिपूर्ण धरना व प्रदर्शन के अधिकार का दमन करते हुए लाठी चार्ज कर फ
र्जी मुकदमे लगा कर अघोषित इमरजेंसी जिले में लागू कर दी गई जिले के डीएम व प्रदेश की योगी सरकार ने लोकतंत्र व संविधान की धारा 19 जिसमें नागरिकों को शांतिपूर्ण धरना व प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं का उल्लंघन किया है व गैरकानूनी ढंग से 86 किसानों पर लाठी चार्ज किया गया है एक दर्जन से अधिक किसान गंभीर रूप से घायल हुए हैं व उन्हें गैरकानूनी 12 दिन की हिरासत में मनमाने ढंग से रखा गया है। दो मुकदमे फर्जी लगाकर किसानों का दमन और उत्पीड़न करने की कोशिश की जिस कारण क्षेत्र के किसानों में बीजेपी सरकार के दमन व उत्पीड़न के विरोध में किसानों में आक्रोश जाग गया और किसानों ने बीजेपी के विरोध में गांव-गांव बोर्ड लगाने शुरू कर दिए व बीजेपी के नेताओं व कार्यकर्ताओं का गांव में प्रवेश बंद कर दिया जिससे घबराकर दीपावली की रात में 11:00 बजे किसानों को रिहा कर दिया गया यह किसानों के संघर्ष की जीत है किसान अपना आंदोलन जारी रखेंगे बिल्डर के अवैध कब्जे से अपनी जमीन को मुक्त कराएंगे किसान एकता जिंदाबाद इंकलाब जिंदाबाद I



