Tuesday, July 14, 2026
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मडुआ का आटा कई बीमारियों से दिलाता है मुक्ति, इसके ये है 9 बड़े फायदे..

जिउतिया पर्व में ही सामान्य रूप से मडुआ या रागी के आटे का इस्तेमाल होता है। इसका इस्तेमाल होता रहा तो लोगों को कई बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी। रागी अथवा मडुआ खाने में स्वादिष्ट पोष्टिकता से भरपूर निरोग अनाज है। रागी का इस्तेमाल रोटी, सूप, जूस, उपमा, डोसा, केक, चॉकलेट, बिस्किटस, चिप्स, और आर्युवेदिक दवा के रूप में होता है। भारत विश्व के टॉप 10 देशों में से नम्बर 1 पर हैं, जो सबसे ज्यादा रागी मंडुआ पैदावार करने वाला देश है। रागी मंडुआ के आटे को गेहूं आटे में मिलाकर हर घर में सेवन करना अति फायदेमंद है।

रागी मंडुआ अनाज का आटा घर में मौजूद गेहूं आटे के साथ मिलाकर सेवन करना अति फायदेमंद है। रागी के आटे की रोटी खाने से शरीर में आसानी से कैल्शियम, प्रोटीन, ट्रिपटोफैन, आयरन, मिथियोनिन, रेशे, लेशिथिन इत्यादि महत्वपूर्ण स्वास्थ्यवर्धक तत्वों की पूर्ति हो जाती है।

मडुआ के फायदे

1- मोटापा घटाने के लिए डाईटिंग के दौरान रागी मंडुआ आटे फायदेमंद है। मंडुआ रागी में फैट की मात्रा कम होती है। साथ में एमिनो अम्ल और रेशे बुहु मात्रा में होते हैं।

2- रागी मंडुआ में 80 प्रतिशत कैल्श्यिम की मात्रा पाई जाती है। रागी / मंडआ हड्डियों में ऑस्टियोपोरोसिस होने से बचाने में सहायक है।

3- मंडुआ डायबिटीज पीड़िता के लिए उत्तम अनाज माना गया है। रागी मंडुआ में रिच फाईबर युक्त और शुगर फ्री अनाज है।

4- रागी मंडुआ में आयरन रिच मात्रा में मौजूद हैं। मंडुआ/रागी के आटे की रोटी और पत्तेदार हरी सब्जी लगातार 15-20 दिन मात्र खाने से रक्त की कमी तुरन्त दूर हो जाती है।

5- रक्तचाप बढ़ने पर नियंत्रण का काम करता हैं। रक्त चाप नियत्रंण करने के लिए रोज रागी मंडुआ की रोटी खायें। फिर 1 गिलास नींबू रस पानी पीयें। मंडुआ रागी और नींबू रक्तचाव समस्या को ठीक करने सहायक है।

6- माताओं में दूध की कमी होने पर रोज मंडुआ रोटी साग खाने से समस्या दूर हो जाती है। मंडुआ रोटी, हरी साग, अंगूर, दूध, फल खूब खायें। इससे माताओं में फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, विटामिनस मिनरलस की पूर्ति आसानी हो जाती है। रागी मंडुवा एक तरह से नेचुरल टॉनिक का काम करता है।

7- रागी – मंडआ खाने से पेट की गैस कब्ज की समस्या कम करने में सहायक और पाचन शक्ति सुचारू करने में सहायक है। रागी – मंडआ जल्दी पाचने वाला निरोग अनाज है। रागी मंडआ में फाईटोएसिड पाया जाता है।

8- रागी – मंडुआ जुकाम, सर्दी से होने वाले गले दर्द, गले में खरास को जल्दी ठीक करने में सहायक है। 1 चम्मच अदरक रस, 5-6 लौंग पीसकर आधा लीटर पानी में उबाले। फिर उबले पानी में आधा कटोरी मंडआं रागी आटा अच्छे से मिलाकर पकायें। गर्म-गर्म सूजी सेवन करने से गला दर्द, खरास जल्दी करने में सहायक है।

9- रागी की रोटी खाने से और रागी त्वचा को रिच पोषण प्रदान करने में सहायक है। रागी फेस पैक, फेस मास्क त्वचा से दाग, धब्बे मिटाने में खास सहायक है।

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