गुस्सा हर किसी को आता है। किसी को अपने बॉस पर, तो किसी को अपने टीचर पर। कोई अपने साथी से नाराज होता है तो किसी दोस्तों पर भड़ास निकालता है। और ज्यादातर लोग तो सरे राह चलते हुए भी लोगों से भिड़ते हुए देखे जा सकते हैं। हालांकि, यह भी सब जानते हैं कि क्रोध इंसान की बुद्धि खा जाता है, लेकिन बावजूद इसके लोग अक्सर चीखते-चिल्लाते देखे जा सकते हैं। लेकिन, वैज्ञानिक इस गुस्से की जड़ तक पहुंचने में कामयाब हो गए हैं।
हाल ही में हुए एक शोध में मस्तिष्क में गुस्से की जड़ का पता चलता है। शोध्कर्ताओं को गुस्से के लिए जिम्मेदार ब्रेन रिसेप्टर का पता चला है । यह मस्तिष्क रिसेप्टर एक एंजाइम है जिसका नाम मोनोएमीन आक्सीडेस ए है। इतना ही नहीं इस रिसेप्टर को बंद कर देने से गुस्से से निजात भी पाई जा सकती है।
इस एंजाइम के उचित तरीके से कार्य नहीं करने से चूहों में तुरंत गुस्सा आते देखा गया है। ये रिसेप्टर मानव में भी पाए जाते हैं।
इस रिसेप्टर को बंद कर वैज्ञानिकों को चूहों को गुस्से से मुक्त करने में सफलता मिली है। इसके बाद इंसानों के भी गुस्से से निजात पाने का एक नया रास्ता सामने आया है।
विज्ञान पत्रिका न्यूरोसांइस जर्नल के मुताबिक साउथ कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और इटली के शोधार्थियों की यह खोज उन्मादी व्यवहार तथा अल्जाइमर रोग, ऑटिज्म, बाइपोलर डिसऑर्डर और सिजोफ्रेनिया जैसे कई अन्य मनोवैज्ञानिक रोगों के इलाज के लिए औषधि का विकास करने में मदद कर सकती है।



