Wednesday, July 15, 2026
Google search engine
Homeदेश और दुनियालाल चौक से है BJP का पुराना नाता, पीएम मोदी भी फहरा...

लाल चौक से है BJP का पुराना नाता, पीएम मोदी भी फहरा चुके हैं तिरंगा….

आज के 27 साल पहले पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराया था। नरेंद्र मोदी उस समय मुरली मनोहर जोशी की उस टीम के सदस्य थे, जो आतंकवाद के उस दौर में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंची थी। लालचौक पर पहली बार 1992 में कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकियों और मुख्यधारा की राजनीति करने वाले दलों, राष्ट्रवादियों और सुरक्षाबलों के बीच पहली बार प्रतिष्ठा का सबब बना था। भाजपा ने कन्याकुमारी से एकता यात्रा शुरु करते हुए 26 जनवरी 1992 को लालचौक में तिरंगा फहराने के बाद यात्रा को संपन्न करने का ऐलान किया था।

भाजपा के इस ऐलान के बाद राज्य में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई। कश्मीर में स्थिति काफी चिंताजनक थी। आतंकियों और अलगाववादियों ने खुलेआम ऐलान किया था कि लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। राष्ट्रवादी पार्टी की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय में ग्रेनेड धमाका कर दिया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक जेएन सक्सेना घायल हो गए थे।

हालात को भांपकरके तत्कालीन प्रशासन ने मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी समेत कई भाजपा नेताओं को हवाई जहाज से श्रीनगर पहुंचाया गया था। उस समय लालचौक पूरी तरह से युद्ध क्षेत्र बन गया था। आलम यह था कि चारों तरफ सिर्फ सुरक्षा बलों मौजूदगी देखी जा रही थी।

इस तरह की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुरली मनोहर जोशी व उनकी टीम के सदस्य के रूप में शामिल नरेंद्र मोदी व अन्य ने लगभग 15 मिनट में ही तिरंगा फहरा दिया। झंडा फहराने के समय आतंकवादियों ने राकेट भी दागे, जो निशाने पर नहीं लगे। इसके बाद सभी नेता सुरक्षित वापस लौट गए।

वर्तमान समय में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। राज्य में राज्यपाल शासन लगा हुआ है। श्रीनगर में देश सुरक्षाबलों की मौजूदगी है। इसक बावजूद लालचौक पर किसी को तिरंगा फहराने की अघोषित रूप से अनुमति नही है।

ऐसा माना जा रहा है कि इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लाल चौक पर तिरंगा फहरा सकते हैं। इसके मद्दे नजर राज्य में इतनी अधिक संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। लाल चौक पर तिरंगा फहराना काफी प्रतिष्ठा परक माना जाएगा और यहां से पूरे देश में एक संदेश देने की कोशिश भी की जाएगी।

गौरतलब है कि अभी पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त कर दिया। इससे अब यह रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है कि राज्य में अब आर्थिक समृद्धि आएगी। ऐसा नहीं था कि जम्मू-कश्मीर आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ था। लेकिन इस धारा के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर विकास की मुख्यधारा से जुड़े जाएगा। इसके अलावा अब देश के किसी भी हिस्से से कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में अब जमीन खरीद सकेगा। सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो राज्यों में विभाजित करने का प्रस्ताव भी कर दिया है। जिसमें एक राज्य जम्मू-कश्मीर और दूसरा राज्य लद्दाख होगा। दोनों ही राज्य केंद्र के अधीन रहेंगे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, लेकिन वह विधानसभा दिल्ली की तरह रहेगी। राज्य की पुलिस आदि पर केंद्र सरकार का सीधे नियंत्रण रहेगा। दोनों राज्यों में उपराज्यपाल नियुक्त किए जाएंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments