कंपनी का interest rate दूसरी कंपनियों के मुकाबले काफी कम है. यूजर को लोन 36 महीने के भीतर वापस करना होगा.
चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी शियोमी ने भारत में कंज़्यूमर्स के लिए आने वाले दिनों में लोन की सुविधा देने वाली है. दरअसल, शियोमी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी मोबाइल फोन वेंडर है. लेकिन अब यह फाइनेंसिंग के फील्ड में भी उतरने का मूड बना चुकी है. हालांकि, पहले भी यह सुविधा शियोमी की तरफ से दी जा रही है लेकिन अब यह सारे ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा. तरफ इसके पहले डेटा कलेक्शन और प्रिवेसी को लेकर तमाम सवाल उठ चुके हैं. अपने देश में चीन रेवेन्यू के मामले में काफी कम रहा है.
पा सकेंगे 1 लाख तक का लोन-
शियोमी ने वैसे तो अपनी क्रेडिट सर्विस की शुरुआत पिछले साल सितंबर में कर दी थी. KreditBee के साथ पार्टनरशिप करते हुए शाओमी ने क्रेडिट सर्विस को शुरू किया था. पहले शियोमी इस सर्विस में लोन ऑफर नहीं कर रही थी. लेकिन अब 1.8 प्रतिशत के ब्याज पर कंपनी यूजर्स को 1 लाख रुपये का लोन मुहैया करवाएगी. बता दें कि ब्याज की दर यूजर के क्रेडिट स्कोर और लोन की राशि पर निर्भर करेगी. कंपनी का इंटरेस्ट रेट दूसरी कंपनियों के मुकाबले काफी कम है. यूजर को लोन 36 महीने के भीतर वापस करना होगा.
लोन लेने के लिए यूजर को एमआई स्टोर पर जाकर Mi Credit App को डाउनलोड करना होगा.
इसके बाद ऐप को जरूरी परमिशन देने के बाद ‘गेट नाउ’ बटन पर क्लिक कर फोन नंबर डालकर लॉग-इन करना होगा. यहां यूजर को अपनी सारी डिटेल भरनी होगी. इसके बाद यूजर को पैन कार्ड की फोटो अपलोड करना होगा, साथ ही नाम, जेंडर और जन्म तारीख की जानकारी भरनी होगी. इसके बाद यूजर को एड्रेस प्रूफ और सेल्फी अपलोड करनी होगी. अब कंपनी यूजर की योग्यता के अनुसार कितना लोन दे रही है उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी.
जो यूजर एमआई क्रेडिट लोन के लिए योग्य है, उन्हें आगे की प्रोसेस के लिए अपनी बैंक अकाउंट डिटेल की जानकारी देनी होगी. योग्य न होने पर कंपनी यूजर को दो महीने बाद दोबारा योग्यता चेक कराने के लिए कहता है. जो यूजर लोन लेने के लिए योग्य है उन्हें लोन का पैसा वापस करने की तारीख डालनी होगी.
Mi Pay Service-
शियोमी ने इस साल मार्च में ऑनलाइन पेमेंट ऐप Mi Pay लॉन्च किया था. UPI मॉडल पर आधारित इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स पैसे भेजने और मंगवाने के लिए कर सकते हैं. इस ऐप में यूजर्स को बिल पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच रिचार्ज और दूसरे विकल्प मिलते हैं.
डेटा प्राइवेसी को लेकर है चिंता-
लेकिन इसी के साथ डेटा प्रिवेसी को लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं. दरअसल, शियोमी इस सर्विस के लिए यूजर्स का फोन एक्टिविटी डेटा लेती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक यूजर्स की रुचि के हिसाब से कंपनी उसकी प्रोफाइल बनाती है. प्राइवेसी में चिंता के चलते एक बैंक ने पहले ही इस सर्विस से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. यह बात इसलिए भी कही जा रही है क्योंकि बैंक से लोन लेते वक्त काफी सारे डाक्यूमेंट्स जमा करवाए जाते हैं, जबकि शियोमी डेटा के जरिए प्रोफाइल बनाकर लोन ऑफर करने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शियोमी की लोन सर्विस अभी टेस्टिंग फेज़ में है और आने वाले कुछ हफ्तों में यह इंडिया में शुरू हो जाएगी. मोबाइल मार्केट के मामले में इंडिया चीन के बाद दूसरे नंबर पर है.



