Tuesday, July 14, 2026
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स्टीविया क्या है और ये डायबिटीज़ से ग्रसित लोगों के लिए कैसे है फ़ायदेमंद?

हम मीठे के एक और प्राकृतिक विकल्प स्टीविया के बारे में बात करेंगे. इसके पहले भी हम मीठे के एक और प्राकृतिक स्रोत शहद के बारे में बात कर चुके हैं. लेकिन अगर आप मीठे के और अधिक प्राकृतिक विकल्प की तलाश कर रहे हैं, तो शायद स्टीविया आपके लिए सबसे सही विकल्प है.

सदियों से दक्षिणी अमेरिकी देशों, जैसे ब्राज़ील में स्टीविया पौधे की पत्तियों का इस्तेमाल प्राकृतिक स्वीटनर के तौर पर होता आ रहा है. आज स्टीविया पूरे विश्व में पाया जाता है और मीठे के प्राकृतिक विकल्प के तौर पर मशहूर है.

ये नेचुरल स्वीटनर स्टेविया रिबॉदियाना के पौधे से हासिल होता है. इसमें मीठा प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और ये साधारण चीनी से 200 गुणा अधिक मीठा होता है. इसकी यह ख़ासियत दो मिश्रणों की वजह से हैं: पहला स्टेवियोसाइड और दूसरा रिबॉडियोसाइड. [1]

हालांकि स्टीविया में पोषक तत्व नहीं होते. जिसका मतलब ये है ये आपकी डाइट में कैलोरी की मात्रा नहीं बढ़ाता है. जिसके चलते ये चीनी की जगह अच्छा विकल्प हो सकता है.

कैसे करें स्टीविया का इस्तेमाल?

बाज़ार में स्टीविया टैबलेट और पाउडर के कई ब्रैंड मौजूद हैं. इनमें से ज़्यादातर चखने के  कुछ देर के बाद कड़वे लगते हैं क्योंकि इसमें स्टेवियोसाइड पाया जाता है. अगर आपको इसका स्वाद पसंद न आए तो आप स्टेविया पाउडर के ऐसे ब्रैंड का इस्तेमाल कर सकते हैं जिसमें सिर्फ़ रिबॉडियोसाइड का इस्तेमाल किया गया हो, जिसका स्वाद कड़वा नहीं होता.

स्टीविया का इस्तेमाल आप इस तरह कर सकते हैं

  • चाय और कॉफ़ी में चीनी की जगह स्टीविया का इस्तेमाल– चूंकि स्टीविया ज़्यादा मीठी होती है इसलिए आपको प्रयोग करने की ज़रूरत पड़ सकती है, कि कितनी मात्रा आपके लिए सही है. ज़्यादातर एक चुटकी स्टीविया आपको एक चम्मच चीनी के बराबर मीठापन देती है.
  • स्टीविया पाउडर को ब्रेकफ़ास्ट सीरियल या दही में भी डालकर खा सकते हैं.
  • आइसक्रीम या फलों से बने डिज़र्ट बनाने में चीनी की जगह स्टीविया का इस्तेमाल करने की कोशिश करें.

2015 में  फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने स्टीविया को स्वीटनर के तौर पर दूध से बने डिजर्ट, दही, कार्बोनेटेड वॉटर (सोडा), फ्लेवर्ड ड्रिंक, जैम, रेडी टू इट सीरियल्स में इस्तेमाल करने की मंज़ूरी दी. तब से अमूल और मदर डेयरी ने भी चीनी की जगह स्टीविया के इस्तेमाल में दिलचस्पी दिखाई है.

डायबिटीज़ ग्रसित लोगों पर स्टीविया का प्रभाव

2004 में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज़ से ग्रसित लोगों द्वारा स्टिवियोसाइड का सेवन करने से उनके खाने के बाद के ब्लड ग्लूकोज़ लेवल में कमी देखी गई. [2]

2010 में की गयी एक लैब स्टडी में पाया गया कि सूक्रोस के मुक़ाबले स्टीविया, खाने के बाद के ब्लड ग्लूकोज़ लेवल में अधिक गिरावट लाता है. स्टडी में शामिल प्रतिभागियों ने पाया कि स्टीविया के इस्तेमाल से भी वो उतना ही भरा-भरा महसूस कर रहे थे, जितना चीनी से. जबकि चीनी के मुक़ाबले स्टीविया में ना के बराबर कैलोरी पाई जाती है. [3] इससे पता चलता है कि स्टीविया को चीनी के बदले इस्तेमाल करने से डायबिटीज ग्रसित लोग अपना वज़न आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं (बशर्ते खाने में कोई और कैलोरी मौजूद ना हो).

2017 में जर्नल ऑफ़ मेडिसिनल फ़ूड में छपे एक आर्टिकल में डायबिटीज़ के दौरान स्टीविया का इस्तेमाल करने के प्रभावों की समीक्षा की गई. इसमें पाया गया कि स्टीविया डायबिटीज ग्रसित चूहों के ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को कम करता है और साथ ही उनका इंसुलिन लेवल बढ़ा हुआ पाया गया.[1]

इंसानों पर स्टीविया के एंटी-डायबिटीक प्रभावों के बारे में फ़िलहाल अधिक रिर्सच की ज़रूरत है, ताकि एक साफ़ तस्वीर हमारे सामने आ सके. हालांकि अबतक हुए किसी भी अध्ययन में स्टीविया के बुरे प्रभाव सामने नहीं आये हैं. इस बिना पर ये भी कहा जा सकता है कि स्टीविया को चीनी का विकल्प मानना खोज के लायक़ विषय हो सकता है.

ध्यान देने वाली बातें:

द यूएसएफ़डीए (फ़ूड एंड ड्रग्स एडमिनिसट्रेशन) ने स्टीविया के पौधे से सिर्फ़ शुद्ध किये हुए ग्लाइकोसाइड के ही इस्तेमाल को मंज़ूरी दी है और स्टीविया के अधिक रिफ़ाइन्ड पत्तियों और अर्क को मंज़ूरी नहीं मिली है. इसलिए स्टीविया को ख़रीदते समय ध्यान रखें कि वो रिफ़ाइन्ड पत्तियों और अर्क से ना बना हो.

ब्लड ग्लूकोज़ कम करने के अलावा स्टीविया ब्लड प्रेशर कम होने का भी एक कारण हो सकता है.[4, 5]  इसलिए अगर आप एंटी डायबिटक या उच्च रक्तचाप की दवाई ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर से स्टीविया के इस्तेमाल के बारे में ज़रूर पूछ लें. साथ ही अपने शुगर और ब्लड प्रेशर लेवल को हमेशा जांचते रहें.

यहां ये नोट करना ज़रूरी है कि कुछ लोगों को स्टीविया लेने के बाद घबराहट, सूजन, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर आना, सुन्न पड़ जाने जैसी समस्या होती है. प्रेग्नेंट या स्तनपान करा रहीं महिलाओं को स्टीविया के इस्तेमाल से दूर रहना चाहिए क्योंकि फिलहाल इतने शोध नहीं किये गए हैं जो ये बता सकें कि इस स्थिति में इनका सेवन करना सुरक्षित है या नहीं.[5]

कुछ और आख़िरी शब्द

स्टीविया में लगभग ज़ीरो कैलोरी और प्राकृतिक तौर पर मिठास मौजूद होती है और यह चीनी का अच्छा विकल्प भी हो सकता है, लेकिन इन सबके साथ अपनी डाइट में कुछ नया करने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें और इसका नियंत्रण में रहकर इस्तेमाल करें.

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